
रुद्रनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के दौरान मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ था। मंदिर के कपाट खुलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए।
श्रद्धालुओं के लिए खुले रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट वैदिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चारण और धार्मिक परंपराओं के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “जय बाबा रुद्रनाथ” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
रुद्रनाथ मंदिर में होती है भगवान शिव के ‘एकानन स्वरूप’ की होती है पूजा
पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में विशेष स्थान रखने वाले रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शिव के ‘एकानन स्वरूप’ अर्थात मुख रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। हिमालय की दुर्गम चोटियों के मध्य स्थित यह पवित्र धाम अपनी अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य एवं रहस्यमयी दिव्यता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
छह महीने तक रुद्रनाथ मंदिर में होगी पूजा
कपाट खुलने के साथ ही अब आगामी छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। देश-विदेश से आने वाले हजारों श्रद्धालु इस दिव्य धाम में पहुंचकर भगवान शिव के दुर्लभ एकानन स्वरूप के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
रोमांचकारी पैदल मार्ग के लिए भी जानी जाती है रुद्रनाथ यात्रा
रुद्रनाथ यात्रा अपने कठिन लेकिन रोमांचकारी पैदल मार्ग के लिए भी जानी जाती है। दुर्गम पर्वतीय रास्तों से होकर गुजरने वाली यह यात्रा श्रद्धालुओं को अध्यात्म, प्रकृति और आस्था के अद्भुत संगम का अनुभव कराती है। कपाट खुलने के साथ ही इस साल की पवित्र रुद्रनाथ यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है।
