
उत्तराखंड में कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट अब इस दुनिया में नहीं रहे। आज यानी 26 जुलाई को उनके आकस्मिक निधन से कांग्रेस और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। काफी लंबे समय से वो बीमार चल रहे थे। हीरा सिंह बिष्ट जमीनी स्तर के नेता के तौर पर जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीनव काल में श्रमिकों और मलिन बस्ती वासियों के हितों को लेकर काफी संघर्ष किया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री Hira Singh Bisht का निधन
राज्य की राजनीति में हीरा सिंह बिष्ट के निधन से शोक की लहर है। मिली जानकारी के अनुसार करीब रात डेढ़ बजे के आसपास उन्हें सीने में दर्द हुआ। जिसके बाद उन्हें उनके परिवार वाले ईस्ट कैनाल रोड के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। लेकिन उनका निधन हो गया।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका
आपको बता दें कि एनडी तिवारी सरकार में उन्होंने परिवहन श्रम और तकनीकी शिक्षा महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हीरा सिंह बिष्ट ने काफी समय तक इंटक के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार भी संभाला। उनकी उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका रही।
नालापानी श्मशान घाट में होगा अंतिम संस्कार
हीरा सिंह बिष्ट सेवक आश्रम रोड में रहते थे। निधन की खबर के बाद कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का उनके आवाज में आने का दौर शुरू हो गया। खबरों की माने तो उनका अंतिम संस्कार नालापानी श्मशान घाट में किया जाएगा।
