
उत्तराखंड में हुए हालिया मंत्री विस्तार पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने तंज कसा है। माहरा ने कहा कैबिनेट में 11 में से सात मंत्री ऐसे हैं जो पूर्व में कांग्रेस में रहे हैं। जिससे साफ़ होता है कि भाजपा को अपने ही कैडर पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए वह बाहर से आए नेताओं पर ज्यादा निर्भर है।
कैबिनेट विस्तार पर करन माहरा का तंज
माहरा ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी के बीच का अंतर पूरी तरह उजागर कर दिया है। एक तरफ पार्टी खुद को “कार्यकर्ता आधारित संगठन” बताकर अपने समर्पित कार्यकर्ताओं से सालों तक मेहनत करवाती है, उन्हें संघर्ष, निष्ठा और त्याग का पाठ पढ़ाती है, वहीं दूसरी तरफ जब सत्ता में भागीदारी देने की बात आती है तो उन्हीं कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया जाता है।
BJP ने किया अपने कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय: माहरा
माहरा ने कहा जो कार्यकर्ता सालों तक दरी बिछाते रहे, पोस्टर लगाते रहे, चुनावों में दिन-रात जुटे रहे, आज वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनकी जगह उन नेताओं को मंत्री बनाया जा रहा है जिनकी जड़ें कभी कांग्रेस में रही हैं। यह न केवल कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है, बल्कि भाजपा के मूल चरित्र पर भी सवाल खड़ा करता है।
BJP को अपने ही कैडर पर भरोसा नहीं
करन माहरा ने आगे कहा कि यह साफ दिखता है कि भाजपा को अब अपने ही कैडर पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए वह बाहर से आए नेताओं पर ज्यादा निर्भर होती जा रही है। सत्ता के लालच में पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता कर रही है और समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है और संगठन के अंदर असंतोष बढ़ रहा है।
कार्यकर्ताओं के सम्मान और विश्वास से चलता है संगठन
माहरा ने जिस पार्टी की ताकत उसका जमीनी कार्यकर्ता होता है, जब वही खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे तो यह संगठन के लिए खतरे की घंटी है। भाजपा को यह समझना होगा कि केवल नारों और दावों से संगठन नहीं चलता, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान और विश्वास से चलता है और फिलहाल यही दोनों चीजें भाजपा अपने ही लोगों से छीनती नजर आ रही है।
