Gurmeet singh chandhok

देहरादून न्यूज़- भगत सिंह कोश्यारी को सोमवार को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मभूषण से सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी।
भगत सिंह कोश्यारी, जिन्हें उत्तराखंड और देशभर में स्नेहपूर्वक “भगत दा” के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वह एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, पत्रकार और राष्ट्रवादी विचारधारा के समर्पित नेता माने जाते हैं।
वर्ष 1966 में उन्होंने स्वयं को पूरी तरह शिक्षा और समाज सेवा के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया था। इसी क्रम में उन्होंने पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की और क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह के रूप में भी कार्य किया।
कोश्यारी ने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाई और पिथौरागढ़ से हिंदी साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन किया। आपातकाल के दौरान उन्हें मीसा (MISA) के तहत गिरफ्तार भी किया गया था।
राजनीतिक जीवन में वर्ष 1997 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद बनी अंतरिम सरकार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। बाद में वह उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री भी बने। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाई।
वर्ष 2008 में वह राज्यसभा सदस्य चुने गए, जबकि 2014 में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए। पांच सितंबर 2019 को उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।
पद्मभूषण सम्मान की घोषणा के बाद उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है
