Gurmeet singh chandhok

नैनीताल – जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने भू-कानून के उल्लंघन के एक मामले में ग्राम सतबूंगा स्थित 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही उपजिलाधिकारी नैनीताल को राजस्व अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टि कर भूमि का कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में लेने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, उपजिलाधिकारी नैनीताल की जांच में सामने आया कि पूनम त्रिखा, निवासी बल्लभगढ़ (हरियाणा), के नाम ग्राम खपराड़ में श्रेणी-1(ग) की 500 वर्ग मीटर भूमि पहले से दर्ज है। इसके बावजूद उनके पति राकेश त्रिखा ने ग्राम सतबूंगा में 250 वर्ग मीटर अतिरिक्त भूमि खरीद ली, जो भू-कानून में निर्धारित सीमा का उल्लंघन माना गया।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों ने दावा किया कि पति-पत्नी अलग-अलग रह रहे हैं। हालांकि जिला शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि दोनों के बीच विधिक रूप से विवाह-विच्छेद नहीं हुआ है और 500 वर्ग मीटर भूमि अब भी राजस्व अभिलेखों में पूनम त्रिखा के नाम दर्ज है। ऐसे में पति द्वारा अतिरिक्त भूमि की खरीद भू-कानून के प्रावधानों के विपरीत है।
मामले में उपलब्ध अभिलेखों, जांच रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने ग्राम सतबूंगा की 250 वर्ग मीटर भूमि को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश पारित किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आदेश के अनुपालन में संबंधित भूमि का कब्जा राज्य सरकार के पक्ष में लिया जाएगा। यह कार्रवाई राज्य में लागू भू-कानून के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
