Gurmeet singh chandhok

हल्द्वानी – निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची में त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया के दौरान हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को पिता के नाम में विसंगति पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर रिकॉर्ड में सुधार कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में बुधवार को सुनवाई प्रस्तावित है। बीएलओ की ओर से जारी नोटिस के अनुसार वर्ष 2003 की मतदाता सूची में एपी बाजपेयी के पिता का नाम जेपी बाजपेयी दर्ज था, जबकि वर्तमान दस्तावेजों में जगदीश प्रसाद बाजपेयी लिखा गया है। इसी अंतर को दूर करने के लिए निर्वाचन विभाग ने दस्तावेज मांगे हैं।इसी अभियान के तहत कुमाऊं मंडल के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया था। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उनका नाम अधूरा दर्ज था, जबकि वर्तमान ड्राफ्ट में पूरा नाम दर्ज होने पर सत्यापन की आवश्यकता पड़ी। संबंधित अधिकारी ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर रिकॉर्ड में सुधार करा लिया है।उधर, नैनीताल विधानसभा क्षेत्र में चल रहे एसआईआर अभियान के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, नैनीताल विधायक सरिता आर्या तथा शहर के कई प्रमुख नागरिकों के आवासों पर भी बीएलओ सत्यापन के लिए पहुंचे। विधायक सरिता आर्या और उनके छोटे बेटे से भी आवश्यक जानकारी मांगी गई है। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह नियमित प्रक्रिया है और सभी मतदाताओं पर समान रूप से लागू होती है।नैनीताल के एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया कि एसआईआर के तहत प्राप्त शिकायतों पर सुनवाई शुरू हो चुकी है। अधिकांश मामले नाम, पता और अन्य विवरणों में त्रुटियों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम स्वतः विसंगतियों की पहचान कर रहा है और संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा जा रहा है।अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी न किसी प्रकार की त्रुटि चिन्हित की गई है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे जा रहे हैं। वहीं लगभग 5.26 लाख मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है, जिसके लिए बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से सत्यापन अभियान लगातार जारी है।निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि यदि नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है तो फॉर्म-8 के माध्यम से संशोधन कराएं। नए मतदाता फॉर्म-6 से पंजीकरण करा सकते हैं, जबकि किसी नाम को हटाने अथवा अन्य आपत्तियों के लिए फॉर्म-7 का उपयोग किया जा सकता है। 14 जुलाई से शुरू हुआ यह विशेष अभियान 13 अगस्त तक चलेगा।
