Gurmeet singh chandhok

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कब क्या कह दें और क्या कर दें किसी को कुछ पता नहीं होता। कभी कुछ कहकर वो अपनी बातों से मुकर भी जाते है। वैसे ही मिडिल ईस्ट (US-Iran War) में अभी भी तनाव बना हुआ है। ट्रंप जल्द से जल्द इस युद्ध को रोककर अपनी जीत दर्ज करना चाहते है। उधर ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है। बिना शर्तों की मंजूरी के वो फुल सीजफायर के लिए तैयार नहीं है।
वैसे तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये साफ किया है कि वो ईरान के साथ चल रहे युद्ध को परमाणु युद्ध में नहीं बदलेंगे। लेकिन उन्होंने इसी बीच तेहरान को जरूर चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि वॉशिंगटन के साथ शांति समझौता करने का समय तेहरान का तेजी से बीता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब से हालात और भी ज्यादा बदतर होते चले जाएंगे। उनकी इसी धमकी के बाद न्यूक्लियर मिसाइलों की चर्चा तेज हो गई है।
सीजफायर के बाद भी तेहरान पर हुए विस्फोट!
दरअसल ट्रंप की ये चेतावनी उस समय आई जब ईरानी मीडिया ने तेहरान के ऊपर हुए विस्फोटों की खबर दी। अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद विस्फोट की ये पहली घटना है। हालांकि इस हमले के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। समाचार एजेंसी एएफपी की माने तो इजरायली सूत्रों ने बताया कि उनका देश ईरान पर फिलहाल हमला नहीं कर रहा है।
परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर क्या बोले ट्रंप?
मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका परमाणु हथियार की कोई योजना नहीं है। लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि पारंपरिक तरीकों से वो इस्लामी राज्य को पहले ही पूरी तरह खत्म कर चुके है। उन्होंने कहा, “मैं परमाणु हथियार का इस्तेमाल क्यों करूंगा? हमने तो पारंपरिक तरीके से बिना परमाणु हथियार के ही उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। नहीं, मैं इसका इस्तेमाल नहीं करूंगा। किसी को भी परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं मिलनी चाहिए।”
ईरानी नाव को नष्ट करने के दिए आदेश
इस बीच ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को भी आदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर ईरानी नाव होर्मुज में बारूदी सुरंगें बिछाती पकड़ी गई तो उसे नष्ट कर दें। इसी के बाद उन्होंने ईरान को एक चेतावनी सी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि ‘ईरान के लिए समझौता करने का समय तेज़ी से बीतता जा रहा है। मेरे पास दुनिया का सारा समय है लेकिन ईरान के पास नहीं है।’
‘ट्रंप युद्ध में निकाल रहे न्यूक्लियर मिसाइल?
उन्होंने आगे कहा कि ईरानी सेना पूरी तरह बरबाद हो चुकी है। उनके नेता भी मर गए है। नाकाबंदी भी सख्त हो गई है। इसके आगे स्थिति और भी ज्यादा बदतर हो जाएगी।
बताते चलें कि पहले शांती वार्ता के बाद ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले दूसरे राउंड वार्ता को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि होर्मुज में दोनों देशों के बीच अभी भी टकराव जारी है।
