Gurmeet singh chandhok

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। बीते दिन गुरुवार 23 अप्रैल को बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तरत 16 जिलों की 152 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लंबे प्रोसेस के बाद हुए इस मतदान में लोगों का भारी उत्साह देखने को मिला।
पश्चिम बंगाल में वोटिंग के टूटे सारे रिकॉर्ड West Bengal Election Voting Percentage
सुरक्षा बंदोबस्त के बीच मतदान केंद्रों पर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने वोट डाला। इस दौरान महिलाओं ने भी भारी संख्या में मदतान किया। जिसका नतीजा ये हुआ कि बंगाल में पहले चरण में 90% से ज्यादा की वोटिंग हुई। बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के अनुसार रात 12 बजे तक 92.86% प्रतिशत वोट पड़े हैं। आपको बता दें कि ये 2021 की तुलना में 10 प्रतिशत से भी ज्यादा है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण में हुई 92.86% वोटिंग
शाम छह बजे तक दक्षिण दिनाजपुर में 94.87%, कूचबिहार में 94.58% प्रतिशत वोट पड़े। तो वहीं बंगाल की सबसे हाट सीट में से एक नंदीग्राम में 91.87% वोटिंग हुई। साल 2021 के चुनाव में इन्हीं 16 सीटों पर 81.46 प्रतिशत वोट पड़े थे।
इस वोटिंग प्रतिशत के बढ़ने का कारण एसआइआर का असर व सुरक्षा बताया जा रहा है। एसआइआर के बाद लोग वोट देने के लिए सजग हुए। तो वहीं कई लोगों ने लिस्ट से नाम कटने के डर से मतदान किया। पहले चरण के लिए केंद्रीय बलों की 2407 कंपनी, 2193 क्विक रिस्पांस टीम व 40,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
ईवीएम में कैद हुई दिग्गजों की किस्मत
पहले चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद कई दिग्गजों की सियासी किस्मत इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) में कैद हो गई हैं। जिसमें नंदीग्राम से भाजपा के सुवेंदु अधिकारी, खड़गपुर सदर से भाजपा के दिलीप घोष, बहरमपुर से कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, सिलीगुड़ी से तृणमूल के गौतम देब व भाजपा के शंकर घोष, मालतीपुर से कांग्रेस की मौसम बेनजीर नूर, दिनहाटा से तृणमूल के उदयन गुहा, मयना से भाजपा के अशोक डिंडा, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से कांग्रेस के शंकर मालाकार और नउदा व रेजीनगर से आम जनता उन्नयन पार्टी के हुमायूं कबीर शामिल हैं
