
सोशल मीडिया पर इन दिनों उज्जैन के ‘खड़े हनुमान छाए हुए है। बीते कई दिनों से उज्जैन के सती गेट के पास स्थित खड़े हनुमान के दर्शन करने हजारों से ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से श्रद्धालु यहां आ रहे है। ऐसा इसलिए क्यों कि हनुमान मंदिर को हटाने से जुड़े वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं। हनुमान की मुर्ति ना हटने की चमत्कारिक कहानियां भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
सोशल मीडिया पर छाए ‘खड़े हनुमान’
दरअसल हाल ही में सड़क चौड़ीकरण के लिए खड़े हनुमान मंदिर का ढांचा तोड़ा गया था। जिसके बाद ढांचा तो टूट गया लेकिन प्रतिमा हटाने के लिए जब जेसीबी और क्रेन की मदद ली गई तो प्रतिमा अपनी जगह से हिली तक नहीं। प्रशाशन मूर्ति को लेकर काफी सावधानी बरत रहा है। करीब 10 दिन की कोशिश के बाद एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है।
मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा तोड़ा जा चुका
मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा तोड़ा जा चुका है। लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा फिलहाल टेंट में विराजमान है। इन्हीं को देखने के लिए भारी भीड़ आ रही है। जिसके चलते पुलिस बल और आसपास बैरिकेडिंग लगा दी गई है।
IIT इंदौर की टीम फिर करेगी जांच
बता दें कि IIT इंदौर की टीम सोमवार को मंदिर पहुंची थी। जहां उन्होंन मंदिर में जांच की। अब आज यानी गुरुवार को एक बार फिर हनुमान मंदिर में टीम जांच करेगी।
आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि बीते कई सालों में उन्होंने मंदिर में इतनी भीड़ कभी नहीं देखी। अब लोग लंबी कतारों में लगकर दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या युवाओं की है। वे यहां दर्शन कर रील बना रहे हैं।
प्रतिमा हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ- प्रशासन
बीते कई दिनों से सोशल मीडिया पर खबरे चलने के बाद बुधवार को जिला प्रशासन ने एक प्रेस नोट जारी किया। जिसमें कहा गया कि अभी तक प्रशासन की तरफ से हनुमानजी की प्रतिमा हटाने का प्रयास ही नहीं किया गया है।
प्रेस नोट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर ये भ्रामक खबर फैलाई जा रही है कि प्रशासन ने खड़े हनुमानजी की मुर्ति हटाने के कई प्रयास किए। प्रशासन ने साफ किया कि अभी तक प्रतिमा को विस्थापित या हटाने संबंधी कोई प्रयास ना ही मानवीय तरीकों से और ना ही मशीन से किए गए है।
भक्त बोले- हमारे पास वीडियो एविडेंस
प्रशासन के प्रेस नोट के बाद कुछ भक्तों ने कहा कि उनके पास वीडियो है। जिसमें प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया। अधिकारी चाहें तो वो उन्हें वीडियो दिखा सकते हैं।
