
हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस जांच में भूमि खरीद-बिक्री के दौरान अनियमितताओं और नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप सही पाए जाने के बाद अधिकारियों समेत10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मंजूरी दे दी गई है।
भूमि खरीद मामले में नगर आयुक्त वरुण चौधरी बर्खास्त
इस मामले में तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके साथ ही तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए मेजर पनिशमेंट की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह पर भी बड़ी कार्रवाई
दोनों अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए मामला कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेजा जा रहा है। इसके अलावा उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। उनके सेवा रिकॉर्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
भूमि खरीद मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख्त रुख
बताते चलें कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चौधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई।
भ्रष्टाचार के मामलों में कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित सर्वोपरि है तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी। धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनधन के दुरुपयोग और पद के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
