
उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की चिट्टी पर अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का दर्द छलका है। हरदा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि 14 अक्टूबर को कांग्रेस के साथ मेरे विधिवत संबंध 58 साल हो जाएंगे। इस यात्रा में पहली बार मुझसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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शैलजा की चिट्ठी पर छलका हरदा का दर्द
हरदा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा ‘ इस 14 अक्टूबर को कांग्रेस के साथ मेरे विधिवत संबंध अर्थात सदस्यता को 58 साल हो जाएंगे। मैं दो साल पहले से ही कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यक्रमों में भाग लेने लग गया था। मेरे संबंध इस अक्टूबर के महीने में कांग्रेस के साथ 60 साल के हो जाएंगे। इन 60 सालों में मैंने बहुत सारी गलतियां की होंगी, मगर पार्टी ने कभी भी मुझसे जवाब-तलब नहीं किया। बहुत हुआ तो यूं ही पूछ लिया कि भई, क्या बात हो गई और हमने अपनी राजनीतिक शरारत का जो भी कारण बता दिया, पार्टी ने उसको अपने एक सिपाही का कथन मानकर स्वीकार किया’।
हरदा ने आगे लिखा ‘आज दिल्ली की ओर जाते हुए मेरे मन में एक अजीब से उल्लास का अहसास हो रहा है, कुछ गुदगुदी सी महसूस कर रहा हूं। क्योंकि मुझे समाचार सूत्रों से जानकारी मिली है कि मुझसे जवाब या मेरे कुछ ऐक्शंस के लिए स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मैंने जब इस विषय में पहले चर्चा सुनी तो मैंने खुद भी मिलने का समय मांग लिया, क्योंकि मैं खुद भी स्पष्टीकरण देने के लिए उत्सुक हूं, तो आज विधिवत जो एक कमी रह गई थी मेरे राजनीतिक जीवन में, वो पूरी हो रही है और मैं पार्टी के शीर्ष के सम्मुख अपनी बात रखूंगा’।
जनसंवाद यात्रा को लेकर जताई थी हाईकमान ने नाराजगी
बता दें हरीश रावत की ओर से निकाली जा रही ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर ये पूरा विवाद शुरू हुआ था। यात्रा पर पार्टी हाईकमान ने आपत्ति जताई थी। प्रभारी कुमारी शैलजा ने हरदा को पत्र लिखकर यात्रा पर ब्रेक लगाने की बात कही थी। पत्र में कुमारी शैलजा ने लिखा था कि इस यात्रा को लेकर न तो उनसे और न ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानी PCC अध्यक्ष से कोई चर्चा की गई है। पार्टी नेतृत्व का कहना था कि विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले प्रदेश कांग्रेस के समानांतर किसी तरह का कार्यक्रम पार्टी के हित में नहीं है
