Gurmeet singh chandhok

सहारनपुर। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सहारनपुर शाखा से जुड़ी कथित अनियमितताओं और नकली नोटों से संबंधित सामने आए आरोपों को लेकर मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकली नोटों के सामने आने और बैंक से जुड़े कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
मामले को लेकर मांग की गई है कि जांच केवल किसी एक कर्मचारी या अधिकारी तक सीमित न रहे, बल्कि जिन-जिन स्तरों पर निर्णय लिए गए हैं, वहां की भूमिका की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि संबंधित मामलों में बैंक के निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन हुआ था या नहीं।हम आपको बता दे कि हेल्पिंगहैंडन्यूज़ ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया है।
जांच में इन बिंदुओं को शामिल करने की मांग
मांगकर्ताओं के अनुसार जांच में विशेष रूप से यह देखा जाना चाहिए कि—
- संबंधित मामलों में निर्णय किस स्तर पर लिए गए और किन अधिकारियों की स्वीकृति या भूमिका रही।
- बैंक की निर्धारित प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया गया या नहीं।
- किसी व्यक्ति अथवा संस्था को अनुचित आर्थिक लाभ पहुंचाने के प्रथमदृष्टया संकेत तो नहीं हैं।
- संबंधित अधिकारियों की घोषित आय और ज्ञात आय के स्रोतों के अनुरूप उनकी चल-अचल संपत्तियों का वैधानिक सत्यापन आवश्यक है या नहीं।
- लेन-देन और निर्णयों में किसी प्रकार का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित-संबंध अथवा हितों का टकराव तो नहीं था।
3 मैनेजर और 1 हाउसकीपिंग कर्मचारी की गिरफ्तारी का दावा
वायरल/प्रसारित जानकारी में 3 मैनेजर और 1 हाउसकीपिंग कर्मचारी की गिरफ्तारी का भी दावा किया गया है तथा मामले में जांच जारी होने की बात कही गई है। साथ ही तस्वीर में RBI की टीम द्वारा पूछताछ किए जाने का उल्लेख किया गया है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों/बैंक या सक्षम प्राधिकारी के आधिकारिक बयान से ही मानी जानी चाहिए।
मांग यह है कि यदि स्वतंत्र जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो संबंधित कानूनों और सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो संबंधित व्यक्तियों की प्रतिष्ठा भी जांच के तथ्यात्मक निष्कर्षों के आधार पर स्पष्ट की जाए।
जनता के धन और बैंकिंग व्यवस्था में विश्वास से जुड़े इस प्रकार के मामलों में जांच का निष्पक्ष, पारदर्शी और पर्याप्त दायरे में होना जरूरी है। जिम्मेदारी जिस भी स्तर पर निर्धारित होती है, उसके अनुसार कानून के तहत जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
