
Chardham Yatra 2026: चारधाम यात्रा को लेकर बदरी-केदार मंदिर समिति यानी BKTC ने एक बड़ा फैसला लिया है। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में दर्शन की व्यवस्था को बदला गया है। अब दर्शन करने के लिए बुजुर्ग और दिव्यांगजन को लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इनके लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके लिए एसओपी भी तैयार कर ली गई है।
Chardham Yatra 2026 को लेकर बड़ा फैसला!
दरअसल अभी तक बदरीनाथ और केदारनाथ में दर्शन करने आ रहे दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं है। वो भी आम श्रद्धालुओं की तरह लाइन में दर्शन करते हैं। ऐसे में बीकेटीसी ने दिव्यांग और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए दर्शन की अलग व्यवस्था बनाई है। जिससे उनको बड़ी राहत मिलने वाली है। इस नई व्यवस्था के लिए मानव प्रचालन प्रक्रिया यानी SOP तैयार कर ली गई है। जल्द ही ये नई व्यवस्था धामों में लागू होंगी।
अब दर्शन के लिए लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा
एसओपी के अनुसार, जो लोग शारीरिक व मानसिक रूप से दिव्यांग है और जो 70 या उससे अधिक साल के है यानी बुजुर्ग है उन श्रद्धालुओं को दर्शन करने से पहले मंदिर समिति के काउंटर पर अनिवार्य पंजीकरण कराया जाएगा। दिव्यांगों को दिव्यांगता प्रमाणपत्र तो वहीं बुजुर्गों को आधार कार्ड दिखाना होगा। ऐसे में सुबह व शाम में आधे घंटे का समय निर्धारित किया जाएगा।
दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अलग से मिलेगा समय
बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में दिव्यांग व बुजुर्ग श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए लाइन में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनके लिए अलग से समय निर्धानित होगा। जल्द ही ये व्यवस्था लागू होगी। इस बात की जानकारी खुद बीकेटीसी अध्यक्ष, हेमंत द्विवेदी ने दी है।
चारों धामों में 13.32 लाख लोग कर चुके दर्शन!
बताते चलें कि चारधाम यात्रा में अब तक 13.32 लाख से ज्यादा तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। एक दिन में करीब 70 से 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। अब तक केदारनाथ में 5.50 लाख, बदरीनाथ में 3.44 लाख, गंगोत्री में 2.18 लाख और यमुनोत्री में 2.20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए हैं।
