
राजधानी देहरादून में आज नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक आयोजित की गई। बैठक शुरू होते ही हंगामे में बदल गई। कांग्रेस पार्षदों ने नगर निगम पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। साथ ही बीजेपी पार्षदों ने भी नगर आयुक्त को घेरा। जैसे-तैसे मामले का शांत कर बैठक में 65 प्रस्तावों को लाया गया।
नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक में हंगामा
देहरादून में नगर निगम की चौथी बोर्ड बैठक में तब ज़बरदस्त हंगामा मच गया, जब कांग्रेस पार्षदों ने निगम पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। खास तौर पर परेड ग्राउंड में उनकी पार्टी के कार्यक्रम के संबंध में, जिसके शुरू होने से महज़ कुछ घंटे पहले ही निगम ने वहां से होर्डिंग्स और पोस्टर हटाने का आदेश दे दिया था।
सफाई कर्मचारियों को बढ़ाया मानदेय
नगर आयुक्त के दखल देने के बाद मामला शांत हुआ और बैठक में 65 प्रस्तावों को रखा गया। बोर्ड बैठक में पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों का मुद्दा उठाया और मानदेय बढ़ाने की भी मांग की। जिस पर बोर्ड ने भी सहमति जताई। बैठक में फैसला लिया गया कि सफाई कर्मियों के मानदेय को 500 से बढ़ाकर 800 रुपए किया जाए।
पार्षदों ने उठाया सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा
उधर कांग्रेस पार्षदों ने कुछ वार्ड में अधिक सफाई कर्मचारी और कुछ वार्ड में सफाई कर्मियों की कमी पर भी आपत्ति जताई । पार्षदों ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण उनके वार्ड में सफाई व्यवस्था बेपट्टरी है। जिस पर नगर आयुक्त नमामि बंसल ने कहा कि एक महीने में सफाई कर्मचारियों कि कमी नहीं होगी।
BJP पार्षदों ने नगर आयुक्त पर लगाया अभद्र व्यवहार करने का आरोप
उधर बीजेपी पार्षदों ने नगर आयुक्त पर एक बार फिर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। पार्षदों ने कहा कि नगर आयुक्त विकास कार्यों की सूचना नहीं देती है। जिस कारण आज दोनों पार्टी के पार्षदों में नाराजगी देखने को मिल रही। वहीं बोर्ड बैठक में शहर के चल रहे रहे बार ओर हुक्का बार का मुद्दा भी गरमाया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि बाहरी राज्यों से पढ़ाई करने आने वाले युवक यहां पर हुड़दंग करते हैं। जिस पर नगर निगम को संज्ञान लेना चाहिए। पार्षदों ने कहा कि यदि बोर्ड बैठक में कोई फैसला नहीं निकला तो शहर को सुधारने के लिए वे आगे आने को तैयार हैं।
