दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
देहरादून। जनपद में कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए नियमों को ताक पर रखकर होटल की तरह संचालित हो रहे होमस्टे पर सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत प्रथम चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं और उन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिनमें कई होमस्टे रातभर अवैध बार संचालन, तेज आवाज में डीजे और नशे से जुड़ी गतिविधियों के अड्डे बने हुए थे। इन स्थानों पर ठहरने वाले उपद्रवी तत्व शहर में हुड़दंग मचाने, ओवरस्पीड में वाहन चलाने और यहां तक कि हथियारों से फायरिंग जैसी घटनाओं में भी संलिप्त पाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधियों से आमजन की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महज सात दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट की पांच टीमों का गठन कर सहसपुर और रायपुर क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों में गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।जांच में पाया गया कि अनेक होमस्टे बिना अग्निशमन उपकरणों, फूड लाइसेंस और आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे थे। कई स्थानों पर निर्धारित क्षमता से अधिक कमरे चलाए जा रहे थे, जबकि कुछ होमस्टे लीज पर देकर व्यावसायिक रूप से संचालित किए जा रहे थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके अलावा विदेशी नागरिकों के ठहराव की अनिवार्य सूचना न देने, स्वामी के निवास के बिना संचालन, बारात घर के रूप में उपयोग और पंजीकरण के बावजूद संचालन न होना जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय संस्कृति और रोजगार को बढ़ावा देना है, लेकिन इसे गलत तरीके से व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने दो टूक कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
