
भारत सरकार एवं राज्य सरकार के टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत के विकासखंड लोहाघाट स्थित उच्च जोखिम वाले ग्राम पाटन एवं पाटनी में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना तथा टीबी रोग की समय पर पहचान एवं उपचार को बढ़ावा देना था।
शिविर के दौरान कुल 125 लोगों की ओपीडी जांच की गई तथा 102 लोगों के डिजिटल एक्स-रे किए गए। संभावित टीबी रोगियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग की गई और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव, समय पर जांच तथा उपचार पूर्ण करने के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस दौरान ग्राम प्रधान श्रीमती नीतू विश्वकर्मा ने भी शिविर में सहभागिता करते हुए ग्रामीणों से स्वास्थ्य जांच एवं टीबी स्क्रीनिंग का लाभ लेने की अपील की।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को उनके घर के निकट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ प्राप्त किया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि टीबी रोग की शीघ्र पहचान कर समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य विभाग दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति को जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।”
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. सोनाली मंडल, कंसल्टेंट डॉ. यतीन मल्होत्रा, एमओडीटीसी डॉ. विनय यादव, जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रियंका पंत, सीएचओ योगेश नेगी एवं मोनिका, एसटीएस हरिमोहन बोहरा, एएनएम गीता मेहरा, बीसीएम निर्मला पुनेठा, आशा फेसिलिटेटर सुनीता डेक, आशा कार्यकर्ता विनीता पांडे तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विमला उपस्थित रहीं।
