
हल्द्वानी। शहर में स्मार्ट मीटर को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला हल्द्वानी के एक उपभोक्ता से जुड़ा है, जिसे स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद लगभग तीन लाख रुपये का बिजली बिल जारी कर दिया गया। बिल की रकम देखकर उपभोक्ता और उसके परिवार के लोग हैरान रह गए।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई। उपभोक्ता ने जब बिजली विभाग से संपर्क किया तो विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
इस संबंध में जब हेल्पिंग हैंड न्यूज़ के द्वारा संबंधित उपखंड अधिकारी (एसडीओ) से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि बिल जारी होने में विभागीय या तकनीकी त्रुटि हुई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जल्द ही बिल में आवश्यक संशोधन कर उपभोक्ता की समस्या का समाधान किया जाएगा।
इधर, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद अधिक बिल आने की शिकायतों को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ती जा रही है। कई लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू होने के बाद बिलिंग संबंधी समस्याएं बढ़ी हैं, जिनका समय पर समाधान होना चाहिए।
वहीं, हल्द्वानी के सुभाष नगर क्षेत्र के कुछ स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शिकायतों के निस्तारण में विभाग सुस्ती बरतता है। कुछ लोगों ने विभागीय कर्मचारियों पर लेनदेन और रिश्वत मांगने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे।
बिजली उपभोक्ताओं ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाए और बिलिंग संबंधी त्रुटियों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिश्वत मांगे जाने पर एसडीओ से जब कर्मचारियों की शिकायत की जाती है तो उन शिकायतो पर किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं होती है
