
बद्रीनाथ कथित चोरी मामले को लेकर आज यानी सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दी। साथ ही राज्या सरकार और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही कथित चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी परमोद नौटियाल को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सच्चाई छिपाने की कोशिश की जा रही है और दोषियों को बचाया जा रहा है।
बद्रीनाथ कथित चोरी मामला: BJP Neta के भतीजे हैं प्रमोद नौटियाल!
दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन आरोपों को खारिज किया जो उनपर बीकेटीसी अध्यक्ष ने लगाए थे। जिसमें बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा था कि आरोपी प्रमोद नौटियाल गणेश गोदियाल का करीबी है। इसपर जवाब देते हुए उन्होंने सपष्ट किया कि 2003 में उनकी ज्वाइनिंग हुई और मेरा उनसे पहले का कोई परिचय नहीं है। इसके साथ ही गणेश गोदियाल ने दावा किया कि परमोद नौटियाल बीजेपी नेता और बीकेटीसी के किसी पूर्व अध्यक्ष के सगे भतीजे हैं।
सहकारिता विभाग में हो रहे कथित भर्ती घोटालों को किया उजागर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ये पूरा प्रकरण तब शुरू हुआ जब सहकारिता विभाग में रिश्तेदारों को नौकरियां बाटने की खबर सार्वजानिक हुई थी। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई 2022 को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास पत्र लेकर गए। जिसमें उन्होंने सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के विभागों में हो रही कथित भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद भी आज तक उन्हें ना तो किसी जांच के लिए बुलाया गया और ना ही कोई नोटिस आया।
उन्हीं पर जांच का दबाव बनाया गया
गोदियाल ने आरोप लगाया कि जैसे ही उन्होंने सहकारिता मंत्री पर सवाल उठाए, उन पर ही जांच का दबाव बनाया जाने लगा।
बद्रीनाथ कथित चोरी मामले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे पहले बद्रीनाथ में चोरी का खुलासा भैरव सेवा संगठन ने किया। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने कुछ दिन तक इंतजार किया कि सरकार और बीकेटीसी क्या कार्रवाई करते हैं। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बीकेटीसी अध्यक्ष को नहीं किया गया निलंबित
उन्होंने कहा कि सबसे पहले बीकेटीसी अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए था। लेकिन उन्हें पूरा अवसर दिया गया ताकि तथ्यों को दबाया जा सके। गोदियाल ने आरोप लगाया कि इस दौरान मंदिर परिसर के कई सीसीटीवी फुटेज भी मिटा दिए गए।
‘बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का ये रिश्ता क्या कहलाता है?’ – गणेश गोदियाल
गोदियाल ने कहा कि बीकेटीसी अध्यक्ष ने उन्हें बद्रीनाथ प्रांगड़ में चर्चा का आमंत्रण दिया है। लेकिन सवाल तो ये है कि आखिर ऐसी क्या बात है कि बीकेटीसी अध्यक्ष पर प्रत्यक्ष आरोप होने के बावजूद उन्हें नहीं हटाया जा रहा? उन्होंने सवाल किया कि बीकेटीसी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री का ये रिश्ता क्या कहलाता है ?
मुख्यमंत्री की शह पर हो रहा सबकुछ
आगे उन्होंने कहा कि 15 नवंबर 2011 में हेमंत द्विवेदी को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते उनके पद से हटा दिया गया था।लेकिन वर्तमान मामले में आरोपों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। गोदियाल ने आरोप लगाया कि ये सब मुख्यमंत्री की शह पर हो रहा है।
