
LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते भारत में भी गैस सप्लाई पर असर देखने को मिल रहा है। जिससे देश में PNG यानी Piped Natural Gas का इस्तेमाल भी बढ़ा है। कुछ ने तो बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा चालू भी किया है। जिसमें महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली और हरियाणा आदि से ऐसे मामले सामने आए हैं। मार्च में सरकार ने पाइप गैस सप्लाई बढ़ाने की भी बात की थी। जिससे LPG सिलेंडर की किल्लत का दबाव कम हो सके।
LPG Crisis: रसोई से गैंस सिलेंडर की होगी छुट्टी!
दरअसल LPG सिलेंडर की किल्लत के बीच देश के कई राज्यों में पाइप गैस सप्लाई बढ़ी है। 16 अप्रैल तक 4.7 लाख से ज्यादा बंद पड़े PNG कनेक्शन दोबारा चालू किया गए है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 1.2 लाख कनेक्शन, उत्तर प्रदेश में करीब 1 लाख कनेक्शन। इसके साथ ही बात करें नए कनेक्शन की तो 5.2 लाख नए कनेक्शन देश में लगाए गए है।
- महाराष्ट्र में 1.2 लाख से ज्यादा।
- उत्तर प्रदेश में लगभग 1 लाख।
- गुजरात में 76 हजार रजिस्ट्रेशन।
देश में कुल कितने हैं PNG कनेक्शन?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस रेगुलेटरी बोर्ड यानी PNGRB के मुताबिक, देश में 1.6 करोड़ से ज्यादा घरेलू PNG कनेक्शन थे। ये आकंड़ा 31 जनवरी तक का है। इसमें 1 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन एक्टिव हैं।
PNG गैस पर अपडेट, इलाकों में काम तेज करने के निर्देश
ऐसे में सरकार पीएनजी गैस बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। PNGRB ने कंपनियों को तेजी से 110 इलाकों में पीएनजी कनेक्शन देने के निर्देश दिए है। इनमें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के 25 और 12 इलाके शामिल हैं। इसके अलावा NG विस्तार वाले राष्ट्रीय अभियान को सरकार ने 30 जून तक बढ़ा दिया है। गैंस कंपनियां उस जिलों में भी काम कर रही हैं जहां 10 हजार से कम कनेक्शन हैं।
LPG से PNG की तरफ होगा बदलाव
सरकार का मकसद है कि देश में LPG पर निर्भरता कम हो और प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़े। जिससे गैस सप्लाई पर कम दबाव पड़ेगा। साथ ही लोगों को सस्ती गैस सुविधा भी मिलेगी।
