
अब तक उत्तराखंड से दूर रहने वाली कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा इन दिनों एक्टिव हो गई हैं। हाल ही में 5 दिनों का उत्तराखंड दौरा कर शैलजा वापस लौटी ही थी कि फिर से उनके उत्तराखंड दौरे पर आने की चर्चा होने लगी है।
कुमाऊं के बाद गढ़वाल मंडल का दौरा करेंगे प्रदेश प्रभारी
माना जा रहा है कि 4 मई से प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा उतराखंड दौरे पर रहेंगी। प्रभारी शैलजा का इस बार फोकस गढ़वाल मंडल पर रहने वाला है। प्रभारी इस बार गढ़वाल के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करेंगी और पार्टी को मजबूती देने का काम करेंगी।
प्रभारी के दौरे से और बढ़ रही पार्टी में खींचतान
प्रभारी के दौरे को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या वाकई में कांग्रेस प्रभारी के उत्तराखंड दौरे से पार्टी पर कोई असर हो रहा है। पार्टी की कमियां और खामियां क्या दूर होती दिख रही है। शायद नहीं क्योंकि प्रभारी शैलजा का हाल ही में हुआ दौरा ये उदाहरण है कि पार्टी के भीतर खींचतान कम होने की जगह और बढ़ी है।
आमने-सामने आ गए थे हरदा हुए जोशी
चाहे हरीश रावत की नाराजगी हो या फिर कांग्रस नेता प्रकाश जोशी का सोशल मीडिया पोस्ट। इन्हें देखकर साफ है कि प्रभारी का दौरा पार्टी के काम नहीं आ पाया। यहां तक कि कार्यकर्ताओं में जिस ऊर्जा की उम्मीद की जाती है वो भी न के बराबर ही नजर आ रहा है।
ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा पार्टी को मजबूत कर रही हैं या मजबूर। ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अपने पिछले दौरे के दौरान टिकट वितरण को लेकर जो फोर्मूला प्रभारी ने सुझाया शाद इस फॉर्मूले से पार्टी का कोई नेता सहमत हो। क्योंकि पार्टी के भीतर कई ऐसे नेता है जो 2027 चुनाव में अपने और अपने परिवार के लिए टिकट की महत्वकांक्षा लिए बैठे हैं।
