
लालकुआं। सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं अब आईटीसी ग्रुप ने खरीद लिया है। फैक्ट्री बिकने से फैक्ट्री में कार्यरत कर्मचारी व स्टाफ के हितों में कोई परिवर्तन नहीं होगा हालांकि अभी फैक्ट्री को टेकओवर होने में 6 माह का समय लगेगा। इधर सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल द्वारा स्थानीय स्तर पर किए जाने वाले सीआरएस फंड पॉलिसी पर नए ग्रुप के रुख का पता तो आने वाला समय ही बताएगा।
बिरला ग्रुप का सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं पेपर उद्योग में एशिया का नंबर वन उद्योग माना जाता है। और पिछले 1 वर्ष से इस उद्योग के आईटीसी को बिकने की चर्चाएं जोरों पर थी और इस चर्चा पर विराम 31 मार्च 2025 की शाम को लग गया जब आधिकारिक पुष्टि पर पता चला की बिड़ला समूह का सबसे बड़ा पेपर उद्योग सेंचुरी पेपर मिल लालकुआं अब आईटीसी ग्रुप ने खरीद लिया है। हालांकि आईटीसी ग्रुप को फैक्ट्री टेक ओवर करने में करीब 6 माह का समय लगेगा जिसकी कार्यवाही दो-तीन चरणों में की जाएगी।
बताते हैं सेंचुरी पेपर मिल लालकुआं में 1380 स्थाई वर्कर्स के साथ ही करीब 700 कर्मचारियों का स्टाफ स्थाई रूप से कार्यरत है। इसके अलावा करीब तीन हजार दैनिक श्रमिक विभिन्न स्रोतों के माध्यम से कार्य करते हैं। और प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से कुल मिलाकर 8 से 10 हजार आदमी पेपर मिल से संबंधित विभिन्न कार्यों से जुड़ा हुआ है। इधर सेंचुरी पेपर मिल लालकुआं द्वारा फैक्ट्री एक्ट के तहत सीआरएस फंड से किए जाने वाले सामाजिक कार्य आगे भी जारी रहेंगे या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन फिलहाल सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन द्वारा लालकुआं बिंदुखत्ता व आसपास के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों का सिलसिला जारी रहेगा।
जिसमें बिंदुखत्ता के घोड़ानाला क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत से ओवरहेड टैंक निर्माण व नलकूप निर्माण का कार्य भी प्रस्तावित है। यूं तो सेंचुरी पेपर मिल लालकुआं द्वारा गत कई वर्षों से निर्धन व गरीब परिवारों को मासिक भोजन की व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविर, निशुल्क परामर्श चिकित्सा सुविधा के अलावा सरकारी विद्यालयों के भवन निर्माण व अन्य कार्यों में सहयोग दिया जाता रहा है यह सभी कार्य आगे बदस्तूर चलेगें या नहीं यह भविष्य के गर्भ में है। इस संबंध में सेंचुरी पेपर मिल की यूनियन श्रमिक कल्याण संघ के अध्यक्ष अवनीश त्यागी का कहना है कि सेंचुरी पेपर मिल आईटीसी को जाने से मिल में कार्यरत वर्कर्स कर्मचारियों के हित लाभ में फिलहाल त्रिवार्षिक एग्रीमेंट के अनुसार किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगे। ज्यादा आईटीसी के स्टाफ आने के बाद स्थितियां स्पष्ट होगी।