



रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
प्राकृतिक सुंदरता को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा वनों को कूड़ेदान बनने से रोकने की दिशा में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में जिला पंचायत चम्पावत द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है।
इसके अंतर्गत देवदार वनी लोहाघाट स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर एवं उससे सटे वन क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से कूड़ेदानों की स्थापना की गई है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों एवं राहगीरों के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा बहुमूल्य वन संपदा को प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना है। साथ ही लोगों को कूड़े के उचित निस्तारण के लिए प्रेरित करते हुए वन क्षेत्रों को प्रदूषण से मुक्त बनाए रखने हेतु व्यापक स्तर पर जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है।
अपर मुख्य अधिकारी कमलेश बिष्ट ने बताया कि वन क्षेत्रों के आसपास बढ़ता कूड़ा एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती है। कई बार लोग अनजाने में वन भूमि में कचरा फेंक देते हैं, जिससे मिट्टी, जल स्रोत एवं वन्यजीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी के समाधान हेतु जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जिला पंचायत ने शिक्षण संस्थानों एवं वन सीमाओं के आसपास सुदृढ़ स्वच्छता तंत्र विकसित करते हुए लोहाघाट डिग्री कॉलेज परिसर में कूड़ेदान स्थापित किए हैं, ताकि कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने नागरिकों एवं विद्यार्थियों से कूड़ेदानों का नियमित उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में सभी की भागीदारी आवश्यक है।
