Gurmeet singh chandhok

उत्तराखंड सरकार में संस्कृत शिक्षा सचिव, दीपक कुमार ने डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा प्राप्त पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (FTII) और भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI) का किया दौरा। हालांकि FTII एक्टिंग और फिल्ममेकिंग के क्षेत्र में एक बेहतरीन संस्थान है। लेकिन अभी इसके पाठ्यक्रम में संस्कृत को एक विषय के तौर पर शामिल नहीं किया गया है।
FTII और BORI के साथ संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने पर उत्तराखंड सरकार की पहल
बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि नाट्यशास्त्र जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों पर आधारित अनुवादित अध्ययन सामग्री को एक या दो लेक्चर सेशन के ज़रिए पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। वाइस-चांसलर ने संस्कृत पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए डेक्कन कॉलेज और उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जताई।
28,000 पांडुलिपियों की जानकारी दी
उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) करने और भविष्य में संस्कृत से जुड़े काम करने की भी योजना है।उसके उपरांत भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (BORI), पुणे जो अपने आप में एक ऐतिहासिक संस्थान है, के रजिस्ट्रार डॉ. श्रीनंद बापट ने संस्थान का परिचय दिया। इसके 28,000 पांडुलिपियों (मैन्युस्क्रिप्ट्स) के समृद्ध संग्रह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि 22,000 पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
‘धर्मशास्त्र का इतिहास’ पर भी चर्चा
मंत्र चिकित्सा और प्रज्ञाचक्षु (दृष्टि-बाधित लोगों के लिए शिक्षा और सहायता) जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में ‘तीर्थावली’ और भारत रत्न महामहोपाध्याय डॉ. पी. वी. काणे द्वारा लिखित ‘धर्मशास्त्र का इतिहास’ (History of Dharmashastra) पर भी चर्चा की गई। इन्फोसिस फाउंडेशन द्वारा फंड किए गए रिसर्च प्रोजेक्ट्स का भी ब्यौरा दिया गया
