Gurmeet singh chandhok

कुमाऊं में चर्चित धनंजय गिरी प्रकरण में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आरोपी धनंजय गिरी की जमानत अदालत ने खारिज कर दी है और उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल के अनुसार मामले में बीएनएस की धारा 111 (संगठित अपराध/ऑर्गेनाइज्ड क्राइम से संबंधित धारा) भी जोड़ी गई है, जिसके बाद जांच को और गति मिली है।
धनंजय गिरी को पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद शिकायतकर्ताओं और पीड़ितों में न्याय की उम्मीद जगी है। पीड़ितों का कहना है कि लंबे समय से वे विभिन्न अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रखते रहे, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने से उनकी उम्मीदें कमजोर पड़ने लगी थीं।
हालांकि, आईजी रिद्धिम अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद मामले में तेजी आई है। जानकारी के अनुसार जांच में लापरवाही बरतने वाले कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित भी किया गया है।
शिकायतकर्ताओं की यह भी मांग है कि इस पूरे प्रकरण में जिन दो बड़े बैंकों के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से कोर्ट और पुलिस को गुमराह किया गया, उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाए तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस प्रकार के बड़े बैंक फ्रॉड दोबारा न हो सकें।
सूत्रों के मुताबिक अब इस पूरे प्रकरण में संबंधित बैंकों से भी पूछताछ की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन के सख्त रुख और निष्पक्ष जांच की दिशा में उठाए गए कदमों से अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद दिखाई देने लगी है।
