दिनांक: 26 अप्रैल 2026
स्थान: शिवालिक छकाता रेंज, रोशिला-पसौली मार्ग
विषय: वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा एवं पर्यावरण संतुलन हेतु सिख समाज द्वारा गुरबाणी कीर्तन का आयोजन
प्राकृतिक संसाधनों — वन, जल, वायु और वन्यजीवों — का संरक्षण पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। वनीकरण को बढ़ावा देना, वन्यजीव संरक्षण कानूनों का कड़ाई से पालन करना तथा प्रदूषण कम करने के लिए वृक्षारोपण और प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
वर्तमान में शिवालिक क्षेत्र सहित हिमालयी तराई में वनों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लोबल वार्मिंग का खतरा निरंतर बढ़ रहा है। इसका प्रत्यक्ष परिणाम मौसम चक्र में असंतुलन और मानव-वन्यजीव संघर्ष के रूप में सामने आ रहा है प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा ने बताया कि पिछले 15 दिनों में ही जंगली गुलदार के हमलों में तीन लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है, जो हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है यह गुरबाणी गायन उन मृतकों को श्रद्धांजलि रूपी समर्पित भी है
इसी पृष्ठभूमि में आज सिख समाज के सक्रिय सदस्य सरदार जगजीत सिंह आनंद जी के नेतृत्व में श्री अमनदीप सिंह टिंकू, श्री महेंद्र सिंह सेठी एवं श्री जसपाल सिंह द्वारा हिमालय की शिवालिक छकाता रेंज रिजर्व फॉरेस्ट के रोशिला-पसौली मार्ग पर गुरबाणी गायन एवं शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया।
इस आध्यात्मिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य वन अग्नि की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण, वनों की रक्षा तथा जन-जागरूकता फैलाना रहा। आयोजकों ने बताया कि वनों के निरंतर कटान से तापमान में वृद्धि हो रही है, जो ग्लोबल वार्मिंग का स्पष्ट संकेत है। इससे न केवल जलवायु और मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है, बल्कि प्राकृतिक आवास नष्ट होने से वन्यजीवों का रिहायशी क्षेत्रों की ओर पलायन बढ़ा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं तेज हुई हैं।
कार्यक्रम के समापन पर सरदार जगजीत सिंह आनंद जी ने गुरबाणी का संदर्भ देते हुए कहा कि पवणु गुरु, पाणी पिता, माता धरति महतु_ — अर्थात वायु को गुरु, जल को पिता और धरती को माता के समान मानकर हमें प्रकृति का सम्मान व संरक्षण करना चाहिए। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक वृक्षारोपण करे, प्लास्टिक का त्याग करे, वन अग्नि रोकने में सहयोग दे तथा वन्यजीवों के संरक्षण हेतु संवेदनशील बने। इस दौरान वहां उपस्थित नैनीताल हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री ललित कर्नाटक, जीत सिंह जी, पांडे जी मनमोहन सिंह बिष्ट, आदि उपस्थित थे।
