
उत्तराखंड सरकार के आगामी बजट से पहले आर्थिक स्थिति की तस्वीर सामने आ गई है। प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया और बताया कि बीते कुछ सालों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, उद्योग, पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
बजट से पहले उत्तराखंड का आर्थिक रिपोर्ट कार्ड जारी
प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण करना एक नियमित प्रक्रिया है। प्रमुख सचिव ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में यह बढ़कर 3 लाख 81 हजार 880 करोड़ रुपए हो गया है, जो वर्ष 2022 की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक है। वहीं प्रति व्यक्ति आय भी तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2022 में जहां यह 1 लाख 94 हजार रुपये थी, वहीं 2025 में बढ़कर 2 लाख 73 हजार 921 रुपये पहुंच गई है।
राज्य की आर्थिक वृद्धि दर भी मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में ग्रोथ रेट 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है। इसके साथ ही गरीबी सूचकांक में भी गिरावट आई है। वर्ष 2022 में यह 9.7 प्रतिशत था, जो अब घटकर 6.92 प्रतिशत पर आ गया है। ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स भी 0.718 से बढ़कर 0.722 हो गया है। रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2022 में जहां MSME इकाइयों की संख्या 59,798 थी, वहीं 2025 में बढ़कर 79,394 हो गई है।
स्टार्टअप सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में की उत्तराखंड ने प्रगति
प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि रोजगार दर भी 60.1 प्रतिशत से बढ़कर 64.4 प्रतिशत हो गई है। बड़े उद्योगों की संख्या 107 से बढ़कर 128 तक पहुंच गई है। स्टार्टअप सेक्टर में भी तेजी देखने को मिली है। वर्ष 2022 में जहां 702 स्टार्टअप थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 1750 तक पहुंच गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी राज्य ने प्रगति की है। ऑल वेदर रोड नेटवर्क 50,393 किलोमीटर से बढ़कर 51,278 किलोमीटर हो गया है। वहीं हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 7 और हेलिपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 तक पहुंच गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में हुआ सुधार
शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार दर्ज किया गया है। प्राथमिक विद्यालयों का ग्रॉस एनरोलमेंट रेट 91.9 प्रतिशत से बढ़कर 103 प्रतिशत हो गया है, जबकि माध्यमिक विद्यालयों में यह 88.23 प्रतिशत से बढ़कर 93.54 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य में डिग्री कॉलेजों की संख्या 124 से बढ़कर 139 हो गई है, जबकि इंजीनियरिंग कॉलेज 20 से बढ़कर 52 तक पहुंच गए हैं।
ऊर्जा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आया सुधार
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ी छलांग देखने को मिली है। वर्ष 2022 में बिजली उत्पादन 5057 मिलियन यूनिट था, जो 2025 में बढ़कर 16500 मिलियन यूनिट हो गया है। बिजली खपत भी 12518 मिलियन यूनिट से बढ़कर 17192 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। सौर ऊर्जा उत्पादन 439 मेगावाट से बढ़कर 1027 मेगावाट हो गया है। वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर (IMR) में भी सुधार हुआ है। यह 22 से घटकर 20 हो गई है। वहीं प्रदेश में शौचालय कवरेज 97 प्रतिशत से बढ़कर 100 प्रतिशत हो गया है।
कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में बढ़ा उत्पादन
कृषि और पशुपालन में भी उत्पादन बढ़ा है। धान की उत्पादकता 28.23 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 32.47 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गई है। दूध उत्पादन 50.92 लाख लीटर से बढ़कर 54.95 लाख लीटर तक पहुंच गया है। मछली उत्पादन 7325 टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 10,487 टन प्रतिवर्ष हो गया है। पर्यटन क्षेत्र में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पर्यटन का आंकड़ा 2022 में 8225 से बढ़कर 2025 में 10509 तक पहुंच गया है। वहीं होमस्टे की संख्या 3935 से बढ़कर 6161 हो गई है, जो ग्रामीण पर्यटन के विस्तार का संकेत है।
सरकारी नीतियों में दी जा रही GYAN को प्राथमिकता
प्रमुख सचिव ने बताया कि राज्य सरकार की नीतियों में GYAN यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके साथ ही महिलाओं को भी पुरुषों के साथ लैंड टाइटल देने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश का वर्तमान कर्ज 27.9 प्रतिशत है और आने वाले समय में 20 आईटीआई संस्थानों को अपग्रेड करने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
