Gurmeet singh chandhok

Early Warning Signs Of Blood Cancer: अगर आपको भी बार-बार बुखार आता है या फिर थकान महसूस होती है तो खबर आपके लिए है। इन लक्षणों को अनदेखा बिल्कुल भी मत कीजिए। ये किसी खतरनाक बीमारी जैसे कैंसर के भी सकेंत भी हो सकते है।
दरअसल ब्लड कैंसर के अक्सर अचानक या फिर बहुत तेज लक्षण नहीं देखे जाते। ये शरीर के अंदर धीरे-धीरे असर डालता है। कई बार लोग इसके शुरुआती संकेतों को मामूली समझकर इग्नोर कर देते हैं।
Early Warning Signs Of Blood Cancer: बार-बार बुखार और थकान सामान्य नहीं, हो सकते हैं इस कैंसर के लक्षण
ल्यूकेमिया, लिंफोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे ब्लड कैंसर बोन मैरो में शुरू होते हैं। जो समय के साथ बॉडी की काम करने की क्षमता पर असर करती हैं।
शुरुआती पहचान क्यों है जरूरी?
डॉक्टर की माने तो शुरुआत में ही ब्लड कैंसर की पहचान से इलाज में काफी आसानी होती है। अगर समय के साथ बीमारी पकड़ ली जाए तो इलाज के सफलता के रेट बढ़ जाते हैं।
लगातार थकान को न समझें सामान्य
अगर बिना ज्यादा काम किए बिना आपको कमजोरी थकान या फिर सांस फूलने की शिकायत होती है तो इसे नजरअंदाज ना करें। अगर आराम करने पर भी कुछ भी फर्क नहीं पड़ा तो ये ब्लड कैंसर का सकेंत हो सकता है। ब्लड कैंसर होने पर शरीर पर्याप्त स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता। जिससे एनीमिया हो जाता है जो थकान की वजह बनता है।
बार-बार इंफेक्शन या बुखार आना
ब्लड कैंसर का अहम संकेत कमजोर इम्यून सिस्टम भी होता है। बार-बार सर्दी, बुखार या छोटे इंफेक्शन होना ब्लड कैंसर की ओर इशारा हो सकता है।
बिना वजह खून आना या जल्दी चोट लगना
- नाक या मसूड़ों से खून आना
- हल्की चोट में भी ज्यादा नीला पड़ जाना।
- या त्वचा पर छोटे-छोटे लाल-बैंगनी दाग।
ये सभी प्लेटलेट्स की कमी का संकेत हो सकते है। ये लक्षण ल्यूकेमिया में आम हैं।
वजन घटना, रात में पसीना और गांठें
- बिना डाइट या एक्सरसाइज के वजन तेजी से घटना।
- रात में ज्यादा पसीना आना।
- गर्दन, बगल या जांघ में दर्द रहित गांठ दिखे।
- हड्डियों, रीढ़ या पसलियों में लगातार दर्द।
अगर ये लक्षण दिखते है तो सतर्क हो जाए। ये लिंफोमा से जुड़े हो सकते हैं। वहीं हड्डियों, रीढ़ या पसलियों में लगातार दर्द मल्टीपल मायलोमा का संकेत हो सकता है।
Disclaimer: ये जानकारी रिसर्च स्टडीज पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह के तौर पर ना लें। अगर आपके शरीर में कुछ भी अनयूजअल सा दिखे तो अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
