
रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
पूर्व दर्जा राज्य मंत्री व जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष खष्टी बिष्ट ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े 131वां संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं होने का मुख्य कारण बीजेपी के अस्पष्ट उद्देश्यों और जनता को धोखे में रखने वाली नीतियाँ को बताया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे महिला आरक्षण के महत्व को कांग्रेस पार्टी भली भांति समझती हैं और सदैव उसके पक्ष में रहती हैं परन्तु सरकार की नीतियाँ छल से भरी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्वयं नीति निर्माण में पेंच फंसाकर विपक्ष को बदनाम करती है। सरकार ने परिसीमन को महिला आरक्षण विधेयक के साथ जोड़कर चुनावी तिकड़म लगाया है। दरअसल महिला आरक्षण तो बीजेपी का प्लान-बी है। मुख्य प्लान तो परिसीमन की आड़ में लोकसभा व विधानसभाओं की सीटों की गणित से अपने वोट बैंक के भविष्य को सुनिश्चित करना है। यदि महिलाओं के विकास व सम्मान की इतनी ही फिक्र है, और महिलाओं को अधिकार देने की नेक नीयति है तो परिसीमन की जिद छोड़कर 543 लोकसभा सीटों पर ही आरक्षण क्यों नहीं दे देते?
यह सिर्फ 2023 में परित हुए विधेयक को तोड़ मरोड़ कर विपक्ष को गुमराह करके अपने पक्ष में करने की कवायद है। उन्होंने संदेह व्यक्त किया कि इस समय बिल का हल्ला मचाना बीजेपी की राजनैतिक गणित का हिस्सा है जो समय की नजाकत को ध्यान में रखते हुए नाजुक समय पर उठाया गया है।
