



रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
सन 1992 में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के कार्य काल में पंचायती राज व्यवस्था में संशोधन कर महिलाओं को 33% पंचायती आरक्षण दिया गया। तब से लेकर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं की प्रतिभागिता को बल मिला है। जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष खष्टी बिष्ट कहती हैं कि देश के विकास के लिए राजनीतिक समानता के भाव से ही महिला सशक्तिकरण संभव है। समान सहभागिता से ही राष्ट्र विकास संभव है। पंचायती राज व्यवस्था में निर्वाचित ग्राम प्रतिनिधित्व , एवं पालिकाओं में चुनी हुई महिलाओं को सम्मानित करने के लिए वे आज रामनगर की एक विशेष सम्मान सभा में उपस्थित थी। महिला 33% आरक्षण के तैतीस वर्ष पूरे होने पर महिलाओं की सम्मान में इस सभा के आयोजन किया गया था। मातृ शक्ति के सम्मान की सभा का आयोजन पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेता अतुल अग्रवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम रामनगर विधानसभा कांग्रेस कार्यालय में आयोजित किया गया। पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, बी डी सी सदस्यों, जिला पंचायत अध्यक्ष व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों की मातृ शक्ति को सम्मानित किया गया।
इस अक्सर पर पूर्व विधायक रणजीत सिंह रावत ने महिला आरक्षण पर अपने स्वतंत्र विचार रखें तथा उसकी अनिवार्य रूप से आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को अगर बराबरी का दर्जा नहीं दिया जाएगा तो,यह मौलिक और नैतिक अन्याय होगा। इससे पूर्व अतुल अग्रवाल ने कांग्रेस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उसके महान उद्देश्य के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ख़ष्टी बिष्ट ने किया। कार्यक्रम में रामनगर के नगराध्यक्ष भुवन चंद्र,
ब्लॉक अध्यक्ष देशबंधुण, मालधनचौड़ ब्लॉक अध्यक्ष ओम प्रकाश, काशीपुर महानगर अध्यक्ष अलका पाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन अग्रवाल जी एवं नगर अध्यक्ष भुवन चंद्र द्वारा किया गया
