Gurmeet singh chandhok

कोटद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
आरोप है कि अधिकारी ने लैंसडाउन में निर्माणाधीन होटल का फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने के एवज में होटल संचालक से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस की ट्रैप टीम ने बुधवार को उन्हें शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये लेते हुए मौके पर पकड़ लिया।
होटल की फायर NOC के लिए मांगी थी 20 हजार की रिश्वत
जानकारी के अनुसार, लैंसडाउन निवासी एक होटल व्यवसायी ने अपने होटल के लिए फायर विभाग से NOC जारी कराने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में कोटद्वार फायर स्टेशन के प्रभारी अधिकारी भूपेश त्यागी ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की।
होटल व्यवसायी रिश्वत नहीं देना चाहता था। ऐसे में उसने मामले की शिकायत देहरादून स्थित सतर्कता विभाग से की।
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले की जांच की। इसके आधार पर थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद विजिलेंस की ट्रैप टीम ने आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
बुधवार को टीम ने कार्रवाई करते हुए भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से 6 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सतर्कता विभाग यह भी जांच कर रहा है कि क्या अधिकारी ने इससे पहले अन्य लोगों से भी इसी तरह रिश्वत की मांग की थी या रकम ली थी।
विभाग की ओर से आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। साथ ही मामले में विभागीय कार्रवाई के लिए भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विजिलेंस की इस कार्रवाई के बाद कोटद्वार और लैंसडाउन क्षेत्र में फायर विभाग से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, स्थानीय होटल व्यवसायियों ने कार्रवाई का स्वागत किया है
