
हल्द्वानी। शहर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच गोविंदपुरा क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं के साथ बदसलूकी, धमकाने और मनमानी करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कर्मचारियों ने कई घरों में उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी दिए बिना पुराने बिजली मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा दिए। लोगों का कहना है कि मीटर बदलने से पहले न तो उपभोक्ताओं को इसकी प्रक्रिया समझाई गई और न ही स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, बिलिंग सिस्टम, रिचार्ज व्यवस्था या यूनिट दरों की जानकारी दी गई। आरोप है कि केवल कागजों पर हस्ताक्षर कराने की औपचारिकता पूरी की गई।क्षेत्रवासियों का यह भी दावा है कि जब उपभोक्ताओं और स्थानीय लोगों ने कर्मचारियों से हस्ताक्षर किए गए दस्तावेज दिखाने को कहा, तो उनके पास कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं था। वायरल वीडियो में भी इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है।
लोगों का आरोप है कि सवाल पूछने पर कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की। कथित तौर पर कहा गया कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार किया गया तो बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि बाद में मीटर लगवाने पर 12 से 15 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ेगा और विभाग के कई चक्कर लगाने होंगे।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली टीम अपने साथ कुछ हथियारबंद लोगों को भी लेकर चल रही है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं तो उपभोक्ताओं को पूरी प्रक्रिया, नियम, बिलिंग व्यवस्था और उनके अधिकारों की स्पष्ट जानकारी देना संबंधित कंपनी और ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी है।
फिलहाल इस पूरे मामले में बिजली विभाग और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने ऊर्जा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करने, दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में उपभोक्ताओं की सहमति और जानकारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
नोट: कर्मचारियों द्वारा दादागिरी, धमकाने या हथियारबंद लोगों के साथ होने जैसे आरोप स्थानीय लोगों के हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
