
4 जून को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी देवभूमि में हुंकार भरने वाले हैं। राजनीति में उत्तराखंड कांग्रेस को लंबे समय के बाद ऐसा मौका मिला है, कि पार्टी का कोई दिग्गज चेहरा चुनाव का शंखनाद करने आ रहा है। यही कारण है कि कांग्रेसी आपने नेता की आव-भगत में कोई कमी छोड़ते नहीं दिख रहे हैं।
अल्मोड़ा से करेंगे राहुल गांधी मिशन 2027 का शंखनाद
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले पार्टी संगठन पूरी तरह से मिशन मोड में आ गया है। रविवार को राजधानी देहरादून में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलज ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बता दें चार जून को राहुल गांधी अल्मोड़ा में जनसभा करेंगे। अल्मोड़ा से ही राहुल गांधी 2027 चुनाव का शंखनाद भी करेंगे।
देहरादून में हर विंग के साथ बैठक करेंगे राहुल गांधी
अल्मोड़ा के बाद राहुल गांधी पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन में शिरकत करेंगे। जिसके बाद 5 जून को राजधानी देहरादून में कांग्रेस नेताओं और संगठन के साथ बैठक होगी। 2027 की तैयारी पर मंथन होगा और राहुल गांधी के इस दौरे के बाद उत्तराखंड कांग्रेस की कार्यकारणी का भी गठन हो जाएगा। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी राजधानी देहरादून में कांग्रेस के हर विंग के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान जमीनी हकीकत को भी परखा जाएगा।
राहुल गांधी का ये दौरा होगा पार्टी के लिए बुस्टर साबित
संगठनात्मक कमजोरी, नेतृत्व संकट और कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता से जुझ रही उत्तराखंड कांग्रेस के लिए राहुल गांधी का ये दौरा बुस्टर साबित हो सकता है। बशर्त है कि राहुल गांधी के उत्तराखंड से लौटने के बाद कांग्रेस नेताओं में अंतर्कलह हावी ना हो। क्योंकि अमुमन ये देखा गया है कि जब-जब कांग्रेस अपने ट्रैक पर आगे बढ़ती है तो पार्टी का कोई नेता सार्वजनिक मंच पर पार्टी के अंदर चल रहे कलह को जगजाहिर कर सता में बैठी बीजेपी को मुद्दा मिल जाता है
