Gurmeet singh chandhok

कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों और कुछ निहंग सिखों के बीच झड़प हो गई थी। जिसके बाद ये मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। इसी में चार गिरफ्तार हुए निहंक को बीते दिन जमानत मिल गई थी। जिसके बाद आज, शनिवार को आरोपी निहंग हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे। गुरुद्वारे में उन्होंने अरदास कर माथा टेककर गुरु साहिब का आशीर्वाद लिया। इस दौरान अलग-अलग सिख संगठन के पदाधिकारी और श्रद्धालु भी मौजूद थे।
कर्णप्रयाग झड़प मामले में निहंग सिखों को मिली जमानत
बताते चलें कि ये कर्णप्रयाग वाला विवाद 16 जून का है। यहां हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान वाहन पार्किंग के समय कुछ निहंग सिखोंकी स्थानीय लोगो के साथ झड़प हो गई है। विवाद इतना बढ़ गया कि इसने हिंसक रूप ले लिया। इसी के बाद निहंग सिखों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बार में 27 जून को उन्हें जमानत दे दी गई।
जमानत के बाद पांवटा साहिब पहुंचे निहंग सिख
दशमेश तरना दल के मुख्य जत्थेदार बाबा मेजर सिंह सोढ़ी ने बताया कि पांवटा साहिब गुरुद्वारा में निहंग सिखों को लाया गया। जहां गुरुद्वारा साहिब में उन्होंने अरदास की। उन्होंने बताया कि पूरे खालसा पंथ ने इस मामले में एकजुटता दिखाई।
रिहा होने के बाद जताया आभार
बताते चलें कि जमानत के बाद निहंग सिखों ने सभी धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों का भी आभार व्यक्त किया। पांवटा साहिब से बाबा का आशीर्वाद लेने के बाद वो पंजाब रवाना हो जाएंगे
