Gurmeet singh chandhok

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से देशभर में GST की नई दरें लागू हो जाएंगी।
29 सितंबर तक जागरूकता अभियान चलने के दिए निर्देश
सीएम धामी ने बताया कि नई दरों का लाभ आम जनता और व्यापारिक समुदाय तक तेजी से पहुंचाने के लिए प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे 22 से 29 सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। इस दौरान प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों और विधायक अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्रों में इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
GST की नई दरें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को करेंगी मजबूत: CM
सीएम ने कहा कि GST की नई दरें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी और “वोकल फॉर लोकल” तथा “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के अंब्रेला ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालयाज”, जी.आई. टैग प्राप्त 27 उत्पाद, “एक जनपद दो उत्पाद” योजना नई दरों से बढ़ावा पाएंगे। इससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का सपना साकार होगा।
नगर निकायों के स्तर पर बैठक आयोजित करने के दिए निर्देश
सीएम ने सभी विभागों और निकायों को निर्देश दिए कि वे अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें। ग्राम सभाओं और नगर निकायों के स्तर पर बैठकें आयोजित कर लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाए। उद्योग विभाग को भी कहा गया कि GI टैग वाले उत्पादों और “एक जनपद दो उत्पाद” योजना को और अधिक सशक्त और बाजारोन्मुख बनाया जाए।

आदरणीय मुख्यमंत्री जी,
सादर प्रणाम।
जीएसटी जैसे गूढ़ और तकनीकी विषय पर आपके नेतृत्व में जो सुधार और जागरूकता अभियानों की पहल की गई है, वह निश्चित रूप से सराहनीय है। किंतु एक गहन चिंता का विषय यह है कि इस महत्वपूर्ण विषय में अधिवक्ता वर्ग की कोई भूमिका नहीं दर्शाई गई।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो अधिवक्ता वर्षों से जीएसटी, इनकम टैक्स तथा डायरेक्ट टैक्स के क्षेत्र में निरंतर अभ्यासरत हैं, जिनकी गहन जानकारी और अनुभव “जन-जागरूकता एवं मार्गदर्शन” में अमूल्य सिद्ध हो सकते हैं, उनका उल्लेख अथवा उनकी भूमिका इन अभियानों में नहीं दिखाई गई।
मुझे इस तथ्य पर गहरा खेद है और एक अधिवक्ता के नाते यह मेरा कर्तव्य है कि इस विषय पर आपसे स्पष्टीकरण मांगूँ। अधिवक्ता वर्ग, विशेषकर कर-विषयक विशेषज्ञ अधिवक्ता, सदैव सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनता को कर प्रणाली की जटिलताओं से अवगत कराने और उन्हें सरल बनाने में सहयोग करने को तत्पर रहते हैं।