
उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रही जंग सबसे ज्यादा चर्चा में है। पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब मंत्री रेखा आर्य पूरी तरह से ‘आर-पार’ के मूड में नजर आ रही हैं। सूत्रों की मानें तो मंत्री ने एसआईटी (SIT) के सामने अपने पति के ऐसे कई गुप्त ठिकानों का खुलासा कर दिया है, जहां छापेमारी करने पर इस पूरे मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले दस्तावेज और सबूत पुलिस के हाथ लग सकते हैं। यदि पुलिस मंत्री के बताए इन ठिकानों पर सीधी कार्रवाई करती है, तो गिरधारी लाल साहू के कई गहरे और बड़े राज बेपर्दा हो सकते हैं।
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मंत्री के सरकारी आवास पहुंचे अधिकारी, दर्ज किए बयान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। सोमवार देर शाम एसआईटी की टीम और विवेचक सीओ अनुज कुमार देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित कैबिनेट मंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे। यहां घंटों चली पूछताछ के दौरान पुलिस ने मंत्री रेखा आर्या के आधिकारिक बयान दर्ज किए।
एसआईटी ने दर्ज बयानों के दौरान मुकदमे में लगाए गए एक-एक आरोप की बारीकी से पड़ताल की। इसमें कंपनियों के कागजातों में फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी करने, पहली शादी छिपाकर विवाह करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने जैसे संगीन मामलों से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली गई।
दबाव बनाने की रणनीति हुई फेल, नहीं मानीं मंत्री
मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भावनात्मक और राजनीतिक दबाव बनाने का पूरा प्रयास किया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि “मैंने तुम्हें इतना आगे बढ़ाया और तुम मेरे खिलाफ ही झूठे आरोप लगा रही हो, अपनी शिकायत वापस ले लो।”
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शुरुआत में कयास लगाए जा रहे थे कि शायद इस हाई-प्रोफाइल घरेलू और कारोबारी विवाद में कोई आपसी समझौता या पैच-अप हो जाएगा। लेकिन जिस तेवर के साथ मंत्री रेखा आर्या ने एसआईटी के सामने बयान दिए हैं और सबूत सौंपे हैं, उससे साफ हो गया है कि साहू का पैंतरा काम नहीं आया और मंत्री अब पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भावनात्मक और राजनीतिक दबाव बनाने का पूरा प्रयास किया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि “मैंने तुम्हें इतना आगे बढ़ाया और तुम मेरे खिलाफ ही झूठे आरोप लगा रही हो, अपनी शिकायत वापस ले लो।” दूसरी तरफ, गिरधारी लाल साहू ने एक वीडियो जारी कर इन सभी आरोपों को मनगढ़ंत बताया है। उनका दावा है कि यह ऑडियो पूरी तरह फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है। साहू ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
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ऑडियो टेप कब्ज़े में: साजिश का सच या AI की चाल?
अब एसआईटी ने इस विवादित ऑडियो को अपने कब्जे में ले लिया है और इसे प्रामाणिकता की जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजने की तैयारी कर ली है। फॉरेंसिक रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि यह आवाज वाकई गिरधारी लाल साहू की है या फिर AI का इस्तेमाल कर इसे बनाया गया है।
15 अक्टूबर को दर्ज हुई थी गंभीर धाराओं में FIR
बता दें कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बीती 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इसमें मारपीट और घरेलू हिंसा, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग, जालसाजी व धोखाधड़ी (फर्जी दस्तखत कर कंपनियों के निदेशक पद से हटाना) और हत्या की साजिश रचना जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए गए हैं।
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आगे क्या करेगी एसआईटी?
अब एसआईटी की जांच तीन मुख्य बिंदुओं पर टिक गई है। पहला है ठिकानों पर छापेमारी और सत्यापन साथ ही मंत्री के बताए गुप्त ठिकानों से दस्तावेज बरामद करना। कंपनियों के कागजातों पर किए गए हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक जांच करना यानी हस्ताक्षरों का मिलान। ऑडियो की फॉरेंसिक लैब से जांच करा कर यह पता लगाना कि ऑडियो असली है या एआई-जनरेटेड। इन सभी सबूतों के आधार पर ही एसआईटी गिरधारी लाल साहू के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की दिशा तय करेगी। फिलहाल, उत्तराखंड की राजनीति में इस घरेलू और कानूनी जंग को लेकर पारा काफी चढ़ा हुआ है।
