Gurmeet singh chandhok

बनबसा। गुदमी गांव की पूर्व महिला ग्राम प्रधान विनीता राणा के साथ अपमानजनक व्यवहार, जातिसूचक गाली-गलौज और जूतों की माला पहनाने के मामले में विशेष सत्र न्यायालय (SC-ST कोर्ट) ने 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष सत्र न्यायाधीश/जिला जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने मामले में हेमा खड़ायत, लीला दिगारी, जानकी कलौनी, दिनेश कलौनी, रोहित जेम्स, पिंकी जेम्स उर्फ सारिका, निखिल जेम्स उर्फ अमन, संजीव सिंह, निर्मला दिगारी और संदीप लॉरेंस को दोषी ठहराया। दोषियों में पांच महिलाएं भी शामिल हैं।
राहत सामग्री वितरण के दौरान हुई थी घटना
अभियोजन के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई 2024 की है। क्षेत्र में बाढ़ और आपदा के बाद राहत सामग्री वितरण के दौरान पूर्व ग्राम प्रधान विनीता राणा के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और अभद्रता की गई। आरोप था कि उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जूतों की माला पहनाकर अपमानित किया गया।
मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर 10 आरोपियों को दोषी माना और सभी को पांच-पांच वर्ष के कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई।
पीड़िता को मिलेगी 2 लाख रुपये की प्रतिकर राशि
अदालत के आदेश के अनुसार दोषियों से वसूले जाने वाले जुर्माने में से 1 लाख रुपये पीड़िता विनीता राणा को दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के माध्यम से पीड़िता को 1 लाख रुपये की अतिरिक्त प्रतिकर राशि प्रदान की जाएगी।
इस प्रकार पीड़िता को कुल 2 लाख रुपये की प्रतिकर राशि मिलने का प्रावधान किया गया है।
