
विश्व प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा के संपन्न होने के बाद हरिद्वार नगर निगम के सामने सबसे बड़ी चुनौती 4 करोड़ 80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा छोड़े गए कचरे का निस्तारण करना है। मेला ख़त्म होते ही नगर निगम ने पूरे शहर और प्रमुख घाटों पर वृहद सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
कांवड़ यात्रा के बाद हरिद्वार की सफाई चुनौती
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि शिवरात्रि के बाद कांवड़ यात्रा का समापन होते ही कल शाम से ही नगर निगम की टीमें मुस्तैदी से सफाई कार्य में जुट गई हैं। उन्होंने बताया कि डाक कांवड़ के दौरान सड़कों और पतली गलियों में गाड़ियों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के कारण घाटों व आसपास के इलाकों में कचरा एकत्रित हो गया था। इसे प्राथमिकता देते हुए हर की पौड़ी, सुभाष घाट, नई घाट, अलकनंदा, बिरला और विष्णु घाट समेत लगभग 95% घाटों की सफाई पूरी कर ली गई है।
7 हजार मीट्रिक टन कचरा निकला
नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार कांवड़ मेले की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 7,000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया गया है। शहर के सामान्य दैनिक कचरे को हटाकर देखें, तो कांवड़ यात्रा के दौरान लगभग 4,000 से 4,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरा निकला है। उन्होंने जानकारी दी कि एकत्रित कचरे को सराय स्थित प्रोसेसिंग प्लांट और MRF (मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर भेजा जा रहा है।
95 % घाटों की सफाई पूरी
घाटों से निकलने वाले प्लास्टिक और कपड़ों के कचरे के लिए इस बार विशेष सेग्रिगेशन टीमें लगाई गई थीं, ताकि कचरे का ट्रॉमेल व कंपोस्टिंग के माध्यम से सही ढंग से निस्तारण हो सके। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने आश्वस्त किया कि आज शाम तक शहर के ज्यादातर हिस्सों को पूरी तरह साफ कर लिया जाएगा और आने वाले कुछ दिनों तक अतिरिक्त टीमें लगातार निगरानी और सफाई कार्य में लगी रहेंगी
