
रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
दरअसल हम तो भ्रष्टाचार की अति कर चुकी , उत्तराखंड बीजेपी सरकार से ही शिकायत करते करते थक गए है। पर इनका तो कोई फुल स्टॉप ही मिलता, पिछले कुछ सालों में पेपर लीक जैसे ज्वलनशील मुद्दो पर अपनी किरकिरी करा चुकी भाजपा सरकार को दोषी मानकर उज्जवल भविष्य के सपने देखने वाले अभ्यर्थियों के साथ खड़े रहकर उनकी पीड़ा ही बाँटते रहे। पर अब तो नौनिहाल भी, छले जा रहे हैं। नीट परीक्षा में शामिल होकर मानवता की सेवा करने वाले बच्चों के साथ ऐसा छल शर्मनाक है। बच्चे किस तरीके से अपना पेट काट कर, अपने सौक मारकर,अपनी कोचिंग करते हैं।नीट परीक्षा का पेपर लीक होना और राजस्थान राज्य से तार जुड़ना वहाँ की सरकार के लिए भी प्रश्न चिन्ह उठाता है पर ये सरकार तो बहरी है जो संवेदन हीन हो चुकी है। पूरे देश में इतनी बड़ी परीक्षा में बीस ,बाइस,लाख से ज्यादा अभ्यर्थी भविष्य में डॉक्टर बनने का सपना लेकर दिन रात मेहनत करते हैं। और अंततः पर असफल सरकार इस दिन का इंतज़ार करते हैं। पर असफल सरकार और भ्रष्ट तंत्र ने उनके सपनों पर पानी फेर दिया। क्या वे भविष्य में ऐसी परीक्षा पर विश्वास कर सकेंगे? बचपन के बाद पहले दहलीज पर कदम रखते ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े बच्चे साथ में से ऊपर नहीं पा रहे हैं 16-16 घंटे की पढ़ाई के बाद वह इस दिन का इंतजार करतेहैं।बड़ी उम्र के लोगों को समझाना तब भी आसान है, वे समझदार होते हैं पर इन मासूम बच्चों ने तो अपने भविष्य में कदम रखने से पहले ही भ्रष्टाचार का कड़वा घूँट पी लिया है। उनके कोमल मन और हृदय पर भ्रष्टाचार ने जो कुठाराघात किया है उस पर मरहम कैसे लगेगा? मेरी पूरी संवेदना उन मासूम बच्चों के साथ है और असफल सरकार तन्त्र और बेलगाम भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार सरकार की भर्त्सना करती हूँ।
