
उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए हर साल दिए जाने वाले प्रतिष्ठित “भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार” (वर्ष 2026-27) के वास्ते आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में प्रभारी निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तराखण्ड, हल्द्वानी ने राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के कुलपतियों, कुल सचिवों और प्राचार्यों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।
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राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर पर पहचान पाने का बेहतरीन अवसर
राज्य के शिक्षकों के लिए अपने उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों को राष्ट्रीय व प्रांतीय स्तर पर पहचान दिलाने का यह एक बेहतरीन अवसर है। विभाग ने सभी पात्र शिक्षकों से समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर अंतिम तिथि से पहले आवेदन जमा करने की अपील की है। बता दें कि उत्तराखण्ड शासन के 10 जनवरी 2020 के शासनादेश के अनुपालन में यह योजना निरंतर संचालित की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के शैक्षणिक कार्यों और उनके विशिष्ट योगदान को उचित सम्मान देना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पुरस्कार हेतु आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आवेदन से जुड़ी मुख्य बातें और प्रक्रिया
वेबसाइट पर उपलब्ध है प्रारूप: पुरस्कार के लिए आवेदन पत्र का निर्धारित प्रारूप उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट [http://he.uk.gov.in](http://he.uk.gov.in) पर अपलोड कर दिया गया है, जहाँ से योग्य शिक्षक इसे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
अंतिम तिथि: इस पुरस्कार के लिए आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 05 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। तय की गई इस अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा।
योग्यता और संस्तुति: संस्थान में नियमित रूप से कार्यरत जो भी शिक्षक नियमावली में दी गई सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं, वे निर्धारित प्रारूप पर अपना आवेदन तैयार कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन पत्र पर संबंधित संस्था के संस्थाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष या कुलपति की संस्तुति होना अनिवार्य है।
आवेदन भेजने का तरीका: सभी आवश्यक संलग्नकों (डॉक्यूमेंट्स) के साथ पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन पत्र को शिक्षक स्वयं अथवा पंजीकृत डाक (Registered Post) के माध्यम से निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तराखण्ड, नबाड़खेड़ा, गौलापार, हल्द्वानी (नैनीताल) के पते पर निर्धारित तिथि यानी 5 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा सकते हैं।
कुलसचिवों और प्राचार्यों को निर्देश
उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि समस्त कुलसचिव अपने अधीन आने वाले सभी महाविद्यालयों और संस्थानों को व्यक्तिगत रूप से ‘भक्त दर्शन उच्च शिक्षा गौरव पुरस्कार’ के बारे में पूरी जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक योग्य शिक्षक इस योजना का लाभ उठा सकें। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री के निजी सचिव, राज्य के समस्त विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों और उच्च शिक्षा शासन के अनुसचिव को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रतिलिपि प्रेषित कर दी गई है।
