








Hayat ram arya
अपर जिलाधिकारी (एडीएम) श्री कृष्णा नाथ गोस्वामी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र (DEOC), जीआईएस (GIS) सेल का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण जनपद में आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
निरीक्षण के दौरान, अपर जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केंद्र की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना प्रसारण और 24×7 निगरानी व्यवस्था सुचारू रूप से कार्य कर रही है या नहीं।
एडीएम श्री गोस्वामी ने जीआईएस सेल के कार्यों का भी विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
आपदा मानचित्रण (Disaster Mapping): आपदा संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील इमारतों, और निकासी मार्गों के मानचित्रण डेटा को अद्यतन (अपडेट) रखा जाए।
आपदा के समय बचाव एवं राहत कार्यों के लिए उपलब्ध संसाधनों (जैसे- अस्पताल, शेल्टर होम, उपकरणों) की सटीक जियोटैग की गई जानकारी जीआईएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो।
तकनीक का उपयोग विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करने और प्रतिक्रिया समय को कम करने के लिए किया जाए।
इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा या आपात स्थिति में आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु मिनिमम रिस्पांस टाइम (न्यूनतम प्रतिक्रिया समय) लेते हुए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
एडीएम ने कहा कि आपदा प्रबंधन का मूल मंत्र समयबद्धता है। किसी भी आपदा की सूचना मिलते ही, प्रतिक्रिया देने में होने वाली देरी को कम करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने परिचालन केंद्र के स्टाफ से कहा कि उन्हें न केवल त्वरित एक्शन लेना है, बल्कि संबंधित विभाग के नोडल अधिकारियों को भी तुरंत अवगत कराना आवश्यक है ताकि राहत और बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
श्री गोस्वामी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में तकनीक और तत्परता का तालमेल अत्यंत आवश्यक है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
