





Gurmeet singh chandhok
हल्द्वानी
*शासन प्रशासन समस्याओं का समाधान करने के बजाय आन्दोलन की अनदेखी कर ग्रामीणों को प्रशासनिक इकाइयों के समक्ष डेरा डालो घेरा डालो कार्यक्रम करने को कर रहा है मजबूर : हेमा आर्मालिकाना अधिकार लेने, बागजाला को राजस्व गाँव बनाने, पंचायत चुनावों में मताधिकार पुनः बहाल करने, निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने, जल जीवन मिशन योजना से टूटी सड़कों का निर्माण करने, जल जीवन मिशन कार्य को पूरा कर हर घर नल, हर घर जल देने का कार्य शुरू करने, गोवंश संरक्षण अधिनियम के चलते आवारा सरकारी गोवंश से पशुपालकों, किसानों, राहगीरों को हो रहे जानमाल के नुकसान से निजात दिलाने के लिए गोवंश की स्थिति अनुसार सरकारी मूल्य निर्धारण कर सरकारी खरीद की गारंटी करने के लिए बागजाला में अनिश्चितकालीन धरना/प्रदर्शन 65 वें दिन भी जारी रहा ।
65 वें दिन के धरने को सम्बोधित करते हुए हेमा आर्या ने कहा आज जिस सरकार से हम अपने हक़ हकूकों की लड़ाई ग्रामीणों के एकता के बल पर लड़ रहे हैं वह लगातार हमारे आन्दोलन को तोड़ने के लिए जाति धर्म और दलगत राजनीति का सहारा लेकर बांटने में लगी है उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आन्दोलन की अनदेखी कर आन्दोलन को प्रशासनिक इकाइयों या जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों में ले जाने को बाध्य कर रही है जिसके लिए हमने धरना स्थल पर डेरा डालो – घेरा डालो कार्यक्रम की पूर्व तैयारी के रूप में खिचड़ी भोजन के माध्यम से सरकार को चेता दिया था । अब हमें रात दिन वाला धरना अपनी जमीन और अपने हक हकूक बचाने के लिए जाति – धर्म और दलगत राजनीति से उपर उठकर डेरा डालो घेरा डालो की तैयारी करनी होगी ।
65 वें दिन के धरने को परवेज, कामरेड हेमा, उर्मिला रेंशवाल, हेमा आर्या, पंकज चौहान, प्रेम सिंह नयाल, आनन्द सिंह नेगी, चन्दन सिंह मटियाली,ने भी सम्बोधित किया !
आज 65 वें दिन के धरना प्रदर्शन में आनन्द सिंह नेगी, उर्मिला रेंशवाल, गोपाल सिंह बिष्ट, विमला देवी, हेमा, परवेज, ईरा अन्सारी, हेमा आर्या,पार्वती, दौलत सिंह,भोला सिंह, वेद प्रकाश, सुनीता देवी, नईमबाना, पंकज चौहान, अनीसुद्दीन, शरीफ, नसीर, प्रताप सिंह बिष्ट, नीमा देबी, रियाज खां,धनी राम आर्या, सुन्दर लाल, रेशमा, भुवन चन्द्र, वासुदेव, सुषमा आर्या, लीला देवी, हेमा देवी, प्रेम सिंह नयाल, विमला देवी,मो. यासीन, हरक सिंह,सुनीता देवी, नसीम, दिनेश चन्द्र, आदि मौजूद रहे। सभा का संचालन वेद प्रकाश ने किया ।
