ग्राम्य विकास योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जिलाधिकारी ने दिया जोर
रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, जैसे मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, एनआरएलएम और रीप परियोजना की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समान रूप से और समय पर पहुँचे।


जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्थलीय और भौतिक सत्यापन करने, कार्यों की जियो-टैगिंग एवं फोटोग्राफ़ पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं और खंड विकास अधिकारियों को कार्यों की समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने तथा उपभोग प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। इसके अतिरिक्त, कार्यस्थल पर योजना और लागत संबंधी बोर्ड लगाना भी अनिवार्य किया गया।


मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मानव दिवसों की संख्या बढ़ाने और जियो-टैगिंग से कार्य पूर्ति दर में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी विकासखंड में शून्य मानव दिवस न हो व सभी ग्रामों में मनरेगा के तहत विकास कार्य हों। कृषि गतिविधियों को प्राथमिकता देने और सभी जॉब कार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।


साथ ही, कृषि विज्ञान केंद्र व अन्य प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से अदरक, हल्दी और मूंगफली की प्रोसेसिंग के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए खंड और न्याय पंचायत स्तर पर तेल निष्कर्षण मशीनों (Oil Extraction Machines) स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि रोजमेरी, लेमनग्रास जैसी स्थानीय फसलों का समुचित उपयोग किया जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बने।
बैठक में अल्ट्रापुअर योजना, सीएलएफ और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से स्टेशनरी सामग्री और अन्य उत्पादों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण ग्रोथ सेंटरों के संचालन को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों को फील्ड में अधिक समय बिताने और व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए गांव-गांव जाकर योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, सभी खंड विकास अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
