Gurmeet singh chandhok
देहरादून यातायात पुलिस ने साइबर ठगी रोकने के लिए ई-चालान पोर्टल को पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे प्रमुख पेमेंट …और पढ़ें

देहरादून। ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी करने वालों पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस ने नई पहल शुरू की है। अब ई-चालान पोर्टल को पेटीएम, फोनपे और गूगल पे जैसे प्रमुख पेमेंट एप से जोड़ दिया है। इसके माध्यम से वाहन स्वामी सीधे पेमेंट एप से ई-चालान भर सकेंगे।
दरअसल, वाहन स्वामियों को उनके वाहन नंबर का हवाला देकर फर्जी चालान का मैसेज भेजकर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने हिमाचल, यूपी समेत कुछ राज्यों की तरह ई-चालान पोर्टल को पेमेंट एप से जोड़ दिया है।
इससे अब वाहन स्वामी मोबाइल में पेटीएम, फोनपे या गूगल पे खोलकर ट्रैफिक चालान के विकल्प में उत्तराखंड पुलिस का चयन कर सकेंगे। इसके बाद वाहन नंबर डालकर लंबित चालान की जानकारी देखी जा सकेगी और एप के माध्यम से ही भुगतान किया जा सकेगा।
इस सुविधा से अब नागरिकों को चालान जमा करने के लिए किसी अनजान मैसेज या लिंक पर क्लिक करने की आवश्यकता नहीं होगी। यातायात पुलिस ने इस व्यवस्था को लागू भी करा दिया है।
इसके माध्यम से अब तक 572 चालान जमा हो चुके हैं और पुलिस ने 6,09,100 छह लाख से ज्यादा का राजस्व वसूल किया है। वहीं, इससे पहले तक चालान का भुगतान चालान पेय जैसे अन्य थर्ड पार्टी एप के माध्यम से करने पर शुल्क अदा करने भुगतान कर रहे हैं।
फर्जी चालान का मैसेज भेजकर देते है लिंक
दरअसल, साइबर अपराधी वाहन स्वामियों को उनके वाहन नंबर का हवाला देकर फर्जी चालान का मैसेज भेजते हैं। इसके साथ एक लिंक दिया जाता है, जो देखने में हूबहू सरकारी ई-चालान पोर्टल जैसा नजर आता है।
लिंक पर क्लिक करते ही साइबर अपराधी बैंक संबंधी जानकारी और अन्य व्यक्तिगत डाटा हासिल कर ठगी को अंजाम देते हैं। मामले सामने आने के बाद अब यातायात पुलिस ने ये पहल की है।
