Gurmeet singh chandhok
76वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी उनके बचपन के दोस्त काफी याद कर रहे हैं, इसलिए भावुक होकर एक दोस्त ने उनको चिट्ठी तक लिखी डाली, वहीं एक दोस्त उनके बचपन को याद करते हुए भावुक हो गया.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 76वां जन्मदिन है और इस मौके पर उनके बचपन के दोस्त शामलदास ने उन्हें एक लेटर लिखा है, जो इमोशन्स से भरा है. वहीं एक दोस्त दौलत खान पठान ने उनके बचपन के किस्से सुनाए हैं. दोनों दोस्त गुजरात के महसाणा जिले के वडनगर शहर निवासी हैं और प्रधानमंत्री मोदी के बचपन के दोस्त हैं. वहीं प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नरेंद्र मोदी के साथ उनकी दोस्ती कायम है. आइए जानते हैं कि अपने बचपन के दोस्त नरेंद्र मोदी के बारे में शामल दास और दौलत खान क्या कहते हैं और वे उनके बारे में क्या कुछ बता रहे हैं?
चिट्ठी में 25 साल पुरानी दोस्त याद की
शामलदास मोदी ने अपने बचपन के दोस्त नरेंद्र मोदी को याद करते हुए चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को उनका ‘सुदामा’ बताया. उन्होंने लिखा कि नरेंद्र मोदी के साथ उनकी दोस्ती 25 साल पुरानी है और इन 25 साल में उन्होंने उनकी जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव को देखा और महसूस किया है. वे जो ठानते हैं, उसके पूरा करके दिखाते हैं. आज पूरी दुनिया में उनकी और उनके जरिए भारत की कामयाबी के बारे में सुनता हूं तो सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. वडनगर से शुरू हुई दोस्ती आज भी पहले की तरह कायम है.
दोस्त को नए भारत का शिल्पकर बताया
शामलदास ने लिखा कि नरेंद्र मोदी की जिंदगी का सफर वक्त के साथ आगे बढ़ा और शक्तिशाली विश्व नेता के मुकाम पर पहुंचा. लेकिन इतने बड़े मुकाम पर पहुंचने के बाद भी हमारी दोस्ती कायम है. नरेंद्र मोदी नए भारत के ‘शिल्पकार’ है. हालांकि उनकी दोस्ती में आज भी वही अपनापन है, लेकिन वे अपने दोस्त को प्रधानमंत्री या विश्व नेता से अलग बचपन के दोस्त के रूप में याद करते हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद भी नरेंद्र मोदी वडनगर को नहीं भूले और शहर का पूरा विकास किया. जब भी गुजरात आते हैं, वडनगर के मुद्दों का जिक्र करते हैं, इसके लिए आभारी हूं.
