
आज यानी 13 सितंबर को BRICS समिट 2026 का दूसरे दिन है। इस दौरान भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई बड़े नेता मौजूद रहे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो और दुनिया के अन्य नेता मौजूद हैं।
वैश्विक संकटों से निपटने के लिए ब्रिक्स में रेजिलिएंस को बढ़ाव
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत की अध्यक्षता में हमने सभी प्रयास ‘सतर्कता, नवाचार, सहयोग, स्थिरता’ इन चार स्तंभों पर क्रिएट किए हैं. मुझे खुशी है कि आप सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विजन को भिन्न-भिन्न सहयोग में बदल सके. आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सामान्य मानवी के जीवन पर उसका बहुत ही नकारात्मक व व्यापक प्रभाव हो रहा है.
महामारियां, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावट ने दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता. इसलिए हमने ब्रिक्स समूह में रेजिलिएंस बढ़ाने पर विशेष बल दिया है. चुनौतियों को तुरंत पहचानना, उनके लिए तैयार होना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही आवश्यक है. इसी सोच के साथ इंफेक्शियस डिसीज के प्रिवेंशन(संक्रामक बीमारियों की रोकथाम) और रिस्पॉन्स के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर सहमति बनी है. डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटिग्रिशन गाइडलाइन तैयार की गई है. ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन का ऑपरेशन फ्रेमवर्क हमारी सप्लाई चेन को अधिक रिलायबल और रेजिलियंट बनाने में सहायक होगा.”
सप्लाई चेन को लेकर कहा ये
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत की अध्यक्षता में हमने सभी प्रयास ‘सतर्कता, नवाचार, सहयोग, स्थिरता’ इन चार स्तंभों पर क्रिएट किए हैं। मुझे खुशी है कि आप सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विजन को भिन्न-भिन्न सहयोग में बदल सके। आज विश्व में तनावों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सामान्य मानवी के जीवन पर उसका बहुत ही नकारात्मक व व्यापक प्रभाव हो रहा है।
महामारियां, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावट ने दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। इसलिए हमने ब्रिक्स समूह में रेजिलिएंस बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। चुनौतियों को तुरंत पहचानना, उनके लिए तैयार होना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही आवश्यक है। इसी सोच के साथ इंफेक्शियस डिसीज के प्रिवेंशन(संक्रामक बीमारियों की रोकथाम) और रिस्पॉन्स के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वॉर्निंग सिस्टम पर सहमति बनी है। डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए अर्ली वॉर्निंग डेटा इंटिग्रिशन गाइडलाइन तैयार की गई है। ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन का ऑपरेशन फ्रेमवर्क हमारी सप्लाई चेन को अधिक रिलायबल और रेजिलियंट बनाने में सहायक होगा।”
नवाचार से बदलेगी ब्रिक्स की तस्वीर
इस दौरान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन पीएम मोदी ने कहा, “इनोवेशन (नवाचार) के अंतर्गत ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर को आपस में जोड़ेगा। इनोवेटिव और स्केलेबल सॉल्यूशन्स को बढ़ावा देने के लिए हमने BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा है।
ब्रिक्स नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर, किसानों के लिए नई संभावनाएं तैयार करेगा। इसके माध्यम से AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं के साथ जोड़ा जाएगा। टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स का वेपनाइजेसन हमारी साझा प्रगति में बाधा बन सकता है इसलिए हमने टेक्नोलॉजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने पर बल दिया है।
