Gurmeet singh chandhok

देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा सियासी विवाद सामने आया है। हरिद्वार से सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री Trivendra Singh Rawat ने गदरपुर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता Suresh Kamboj के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किए जाने की मांग करते हुए नई दिल्ली के डीसीपी को शिकायत पत्र भेजा है। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
त्रिवेंद्र रावत ने अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो साक्षात्कार में सुरेश कम्बोज ने उनके खिलाफ झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार कम्बोज ने झारखंड में भाजपा के राज्य प्रभारी के रूप में त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल को लेकर कथित तौर पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए और दावा किया कि उन्होंने वहां रहते हुए करोड़ों-अरबों रुपये की संपत्ति अर्जित की।
इसके अलावा कम्बोज द्वारा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में त्रिवेंद्र रावत के कार्यकाल को लेकर भी कई आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण बताया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि वह पिछले 47 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और विभिन्न महत्वपूर्ण सार्वजनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं। ऐसे में इस प्रकार के आरोप उनकी व्यक्तिगत एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंचाने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो के व्यापक प्रसारण से उनकी छवि को और नुकसान पहुंच रहा है।
त्रिवेंद्र रावत ने दिल्ली पुलिस से मांग की है कि सुरेश कम्बोज सहित उन सभी अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए, जिन्होंने कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री के प्रकाशन, प्रसारण अथवा प्रचार-प्रसार में भूमिका निभाई हो। साथ ही मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध भी किया गया है।
अब इस शिकायत के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभी की नजरें दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई और इस मामले के संभावित राजनीतिक प्रभावों पर टिकी हुई हैं।
