
राम चरण और जाह्नवी कपूर(Janhvi Kapoor) की अपकमिंग फिल्म ‘पेद्दी’ (Peddi) जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देगी। इस फिल्म को लेकर फैंस काफी उत्साहित है। इस दौरान जाह्नवी ने तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री में के वर्क कल्चर को लेकर अपने विचार रखे है। उन्होंने साउथ और मुंबई फिल्म सेट्स के बीच अंतर की बात बताई। उन्होंने कहा कि तेलुगू फिल्मों के प्रोडक्शन का अनुशासित तरीका उन्हें काफी पसंद आया।
दीपिका के बाद Janhvi Kapoor ने वर्किंग शिफ्ट को लेकर उठाई आवाज!
दरअसल जाह्नवी ने अपनी पहली तेलुगू फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ (Devara: Part 1) Jr. NTR के साथ की थी। जिसके बाद वो अपनी दूसरी तेलुगू फिल्म करने जा रही है। ऐसे में उन्होंने इस इंडस्ट्री की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां काम के शेड्यूल को संतुलित रखा जाता है। साथ ही सेट पर मौजूद हर व्यक्ति के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाता है।
काम के घंटों के प्रति तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की तारीफ की
अपना अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि तेलुगु सिनेमा में सेट पर शेड्यूल का गंभीरता से पालन किया जाता है। उन्होंने कहा, “तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के बारे में जिस बात की मैं सच में तारीफ करती हूं, वह है हर किसी के काम के घंटों के प्रति उनका सम्मान। सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, बल्कि टेक्नीशियंस और क्रू मेंबर्स के लिए भी”।
झपकी लेने का भी मिलता है समय
काम के कल्चर के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि कास्ट और क्रू मेंबर्स को खाने, आराम करने और काम पर लौटने से पहले खुद को तरोताजा करने का भी समय मिलता है। उन्होंने बताया कि आम ब्रेक में लंच के लिए करीब 40 मिनट दिए जाते है। सात ही शूटिंग दोबारा से शुरू करने से पहले थोड़ी देर झपकी लेने को भी समय मिलता है।
दीपिका पादुकोण ने की थी 8 घंटे शिफ्ट की डिमांड
आपको बता दें कि जाह्नवी कपूर का ये बयान हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग आर्स को लेकर शुरू हुई बहस के बाद आया है। काम के घंटों की वजह से दीपिका पादुकोण ने फिल्म ‘स्पिरिट’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल को मना कर दिया था। इस फैसले के बाद इंडस्ट्री में काम के घंटों को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई
