Gurmeet singh chandhok

मुख्यमंत्री धामी की मोटे अनाज मुहिम को नई पहचान दे रहे ‘भूपी किचन ऑनेस्ट किचन’ के शेफ भूपी रावत
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही मुहिम को अब युवाओं और पाक कला विशेषज्ञों का भी व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर भूपेंद्र सिंह रावत, जो ‘भूपी किचन ऑनेस्ट किचन’ के नाम से मशहूर हैं, सोमवार को हल्द्वानी ग्राफिक एरा पहुंचे और छात्रों को पारंपरिक हिमालयी अनाजों और स्थानीय व्यंजनों के महत्व से रूबरू कराया।
कार्यक्रम के दौरान शेफ भूपी रावत ने मंडुवा, झंगोरा और अन्य मोटे अनाजों से तैयार व्यंजनों का लाइव कुकिंग डेमोंस्ट्रेशन दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पारंपरिक मोटे अनाज अब वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण लोग पारंपरिक खानपान से दूर होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मोटे अनाज केवल पौष्टिक भोजन ही नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली की कुंजी भी हैं। यदि युवा पीढ़ी स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को अपनाए तो उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई वैश्विक पहचान मिल सकती है।
शेफ भूपी रावत ने छात्रों को ‘सस्टेनेबल कुकिंग’, ‘कंटेंट क्रिएशन’ और हिमालयी व्यंजनों की आधुनिक प्रस्तुति के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पारंपरिक स्वाद को आधुनिक प्लेटिंग और ग्लोबल प्रजेंटेशन के साथ जोड़कर हिमालयी व्यंजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष और सफलता के सफर को साझा करते हुए युवाओं को मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “अगर आपके अंदर हुनर और कुछ नया करने का जज्बा है, तो कोई भी मुश्किल आपको सफलता हासिल करने से नहीं रोक सकती।”
आज ‘Chef Bhupi’s Kitchen’ से लाखों लोग जुड़े हुए हैं, जिन्हें वह प्यार से ‘स्वाद के मित्र’ कहकर संबोधित करते हैं। उनकी पहाड़ी अंदाज में बनाई गई रेसिपीज सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और अतिथि मौजूद रहे। अंत में शेफ भूपी रावत को सम्मानित किया गया तथा पारंपरिक हिमालयी व्यंजनों से सजे विशेष लंच के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
