दीपक अधिकारी
हल्द्वानी
देहरादून। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी धनबीर सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने तत्काल प्रभाव से निलंबन प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बताया गया है कि हाल ही में विजिलेंस टीम ने धनबीर सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही शासन स्तर से औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे।शिक्षा मंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत काम कर रही है और विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं और छात्र-छात्राओं, अभिभावकों व आमजन से फीडबैक लेकर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए। सरकार के इस सख्त रुख को शिक्षा विभाग में साफ-सुथरी कार्यप्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और जनविश्वास बहाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
