


रिपोर्टर महेन्द्र सिंह बिष्ट
जनपद बागेश्वर के कपकोट विकासखंड अंतर्गत ग्राम पौसारी में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों के पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्य जिला प्रशासन द्वारा पूर्ण गंभीरता, संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निरंतर प्रगति पर हैं। प्रशासन का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को शीघ्र बहाल कर जनजीवन को सामान्य स्थिति में लाना है।
इस दिशा में विभिन्न विभागों के माध्यम से विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के अंतर्गत लगभग ₹438.93 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त Non-SDRF मद के अंतर्गत ₹12.00 लाख तथा राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (Mitigation Fund) के अंतर्गत ₹14.96 लाख की धनराशि भी स्वीकृत की गई है, जिससे पुनर्वास कार्यों को और अधिक सुदृढ़ता प्रदान की जा रही है।
स्वीकृत धनराशि के अंतर्गत सड़कों, पैदल पुलों, संपर्क मार्गों, सिंचाई व्यवस्थाओं एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं के पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त पैदल पुलों का पुनर्निर्माण, मोटर मार्गों की मरम्मत, संपर्क मार्गों की बहाली तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाने हेतु अस्थायी पुलों का निर्माण प्राथमिकता में शामिल है।
साथ ही कृषि गतिविधियों को प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से सिंचाई गूलों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य भी तेजी से संचालित किया जा रहा है।
भविष्य में संभावित जोखिमों को कम करने के लिए आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत आवश्यक सुरक्षा कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। विशेष रूप से विद्यालयों के समीप बाढ़ सुरक्षा कार्य जैसे कदम प्रशासन की दूरदर्शिता को दर्शाते हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा गुणवत्ता के उच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही, क्षेत्रीय जनता के साथ सतत संवाद बनाए रखते हुए उनकी समस्याओं एवं सुझावों का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जा रहा है।
जिला प्रशासन पौंसारी क्षेत्र के सभी प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त करता है कि पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों को पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सुरक्षित एवं सुदृढ़ आधारभूत सुविधाओं के साथ सामान्य जनजीवन बहाल हो सके
